फर्जी दस्तावेज से बैंक खाते खोलकर साइबर ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
अयोध्या की साइबर पुलिस ने फर्जी बैंक खातों और साइबर धोखाधड़ी में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड और दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
अयोध्या में साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक खाते खोलकर साइबर अपराध करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई। आरोपियों पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
फर्जी दस्तावेज बनाकर खोलते थे बैंक खाते
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अपने आधार कार्ड में नाम, पता और पिता का नाम बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इन कूटरचित आधार कार्ड के आधार पर अलग-अलग बैंकों में फर्म के नाम से चालू और सेविंग खाते खुलवाए जाते थे। इसके बाद चेकबुक और एटीएम कार्ड हासिल कर उन्हें साइबर अपराध में इस्तेमाल करने के लिए अपने साथियों को बेच दिया जाता था।
मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
दिनांक 17 अप्रैल 2026 को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों—विकास मिश्रा उर्फ विकेश और विनय कुमार दूबे—को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई साइबर क्राइम थाना अयोध्या की टीम ने प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद अरशद के नेतृत्व में की। पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
भारी मात्रा में सामान हुआ बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 8 मोबाइल फोन, 5 पेमेंट बारकोड, 1 स्वेप मशीन, 4 मुहर, 1 इंक पैड, 1 डायरी, 32 एटीएम कार्ड, 15 आधार कार्ड, 8 पैन कार्ड, 2 वीआई सिम रैपर, 17 चेकबुक, 10 पासबुक, 13 बैंक लेटर और एक डेल कंपनी का लैपटॉप बरामद किया गया। इसके अलावा एक हुंडई वेन्यू कार भी जब्त की गई।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों पर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। विनय कुमार दूबे के खिलाफ गोण्डा, जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र में भी केस दर्ज हैं। वहीं विकास मिश्रा पर दिल्ली और अयोध्या में मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इनके अन्य आपराधिक कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। इसलिए आरोपियों से पूछताछ कर उनके साथियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
(रिपोर्टः अनूप कुमार अयोध्या)
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