पापमोचिनी एकादशी 2026: जानिए व्रत की सही तिथि, पारण का समय और पूजा विधि

पापमोचन एकादशी 2026 की तिथि, समय, पारण समय और संपूर्ण पूजा विधि जानें। ऐसा माना जाता है कि यह पवित्र एकादशी भक्तों को पापों से मुक्ति दिलाती है और भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्रदान करती है।

Mar 12, 2026 - 08:41
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पापमोचिनी एकादशी 2026: जानिए व्रत की सही तिथि, पारण का समय और पूजा विधि

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। होली के बाद आने वाली एकादशी को पापमोचिनी एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य के सभी पापों से मुक्ति मिलती है। यह संवत वर्ष की आखिरी एकादशी भी मानी जाती है, जो चैत्र नवरात्रि से पहले पड़ती है। इसलिए श्रद्धालु इस दिन विशेष पूजा और व्रत करते हैं। साल 2026 में पापमोचिनी एकादशी को लेकर भक्तों में खास उत्साह देखा जा रहा है और लोग इसकी सही तिथि और पूजा विधि के बारे में जानना चाहते हैं।

कब से कब तक रहेगी एकादशी तिथि
पंचांग के अनुसार पापमोचिनी एकादशी तिथि की शुरुआत 14 मार्च 2026 की सुबह 8 बजकर 10 मिनट से होगी। यह तिथि 15 मार्च 2026 की सुबह 9 बजकर 16 मिनट तक रहेगी। हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों के लिए उदया तिथि यानी सूर्योदय के समय मौजूद तिथि को ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी कारण इस बार पापमोचिनी एकादशी का व्रत 15 मार्च 2026 को रखा जाएगा।

पापमोचिनी एकादशी का पारण समय
धार्मिक नियमों के अनुसार एकादशी का व्रत अगले दिन पारण करके पूरा किया जाता है। साल 2026 में पापमोचिनी एकादशी व्रत का पारण 16 मार्च 2026 को किया जाएगा। पारण का शुभ समय सुबह 6:30 बजे से 8:54 बजे के बीच रहेगा। इसी समय के दौरान व्रत खोलना सबसे शुभ माना गया है।

पापमोचिनी एकादशी की पूजा विधि
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें और व्रत का संकल्प लें। फिर शुभ मुहूर्त में Vishnu भगवान की षोडशोपचार विधि से पूजा करें। पूजा के दौरान धूप, दीप, चंदन, फल और अन्य प्रसाद भगवान को अर्पित किए जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने से भगवान जल्दी प्रसन्न होते हैं। पूजा के समय पापमोचिनी एकादशी की कथा भी सुननी चाहिए और अंत में भगवान विष्णु की आरती करनी चाहिए।

व्रत के दिन इन बातों का रखें ध्यान
धार्मिक परंपराओं के अनुसार इस दिन श्रद्धालु पूरे दिन निराहार व्रत रखते हैं और रात में जागरण भी करते हैं। साथ ही जरूरतमंद लोगों और ब्राह्मणों को दान देना भी बहुत शुभ माना जाता है। अगले दिन सुबह शुभ समय में पारण करके व्रत पूरा किया जाता है। माना जाता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियम से करने से जीवन के पापों से मुक्ति मिलती है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

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Aniket Prajapati अनिकेत प्रजापति UP News Network असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर है। वे 1 साल से ज्योतिष और धार्मिक, बिजनेस, नेशनल, उत्तर प्रदेश, गैजेट्स, हेल्थ आदि से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं। अनिकेत प्रजापति पिछले 1 साल से UP News Network, (Digital) के साथ जुड़े हैं। वह TV 24 Network में भी काम कर चुके हैं। अनिकेत प्रजापति ने भारतीय जनसंचार संस्थान University of Lucknow से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।