100 दिन बाद नोएडा हादसे का सच आया सामने... युवराज मेहता की मौत हादसा नहीं, निकली सिस्टम की लापरवाही, 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड

Yuvraj Mehta Case: नोएडा के सेक्टर-150 में युवराज मेहता की मौत के 100 दिन बाद SIT रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि हादसा नहीं बल्कि PCR की सुस्ती और विभागीय लापरवाही जिम्मेदार थी। तीन अधिकारी निलंबित किए गए हैं, लेकिन परिवार अब भी अन्य जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और इंसाफ की मांग कर रहा है।

Apr 26, 2026 - 11:20
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100 दिन बाद नोएडा हादसे का सच आया सामने... युवराज मेहता की मौत हादसा नहीं, निकली सिस्टम की लापरवाही, 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा के सेक्टर-150 में 16 जनवरी की वह काली रात आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। उभरते इंजीनियर युवराज मेहता की कार एक पानी से भरे गहरे गड्ढे में समा गई थी, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। अब इस हादसे को 100 दिन पूरे हो चुके हैं और विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह सिर्फ एक हादसा नहीं था, बल्कि पुलिस कंट्रोल रूम की सुस्ती और विभागों के बीच तालमेल की कमी ने एक युवा की जान ले ली।

PCR की सुस्ती बनी मौत की वजह
SIT की विस्तृत रिपोर्ट में बताया गया है कि हादसे की रात पुलिस कंट्रोल रूम को समय पर सूचना मिल गई थी। लेकिन जिस तेजी से कार्रवाई होनी चाहिए थी, वह नहीं हुई। कंट्रोल रूम ने सूचना को गंभीरता से लेने के बजाय केवल औपचारिकता निभाते हुए संबंधित थाने को भेज दिया। अगर उसी समय रेस्क्यू टीम को सक्रिय किया जाता और जीपीएस के जरिए तुरंत लोकेशन पर पहुंचा जाता, तो युवराज की जान बच सकती थी। रिपोर्ट में इसे ‘आपराधिक लापरवाही’ माना गया है।

तीन अधिकारी निलंबित, जांच शुरू
रिपोर्ट सामने आने के बाद शासन ने सख्त कदम उठाए हैं। दोषी पाए गए तीन अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया है। इनमें ऐशपाल सिंह (सहायक रेडियो अधिकारी), देवेंद्र शर्मा (रिजर्व सब इंस्पेक्टर) शामिल हैं। एक अन्य कर्मी को भी प्राथमिक तौर पर दोषी मानते हुए विभागीय जांच में शामिल किया गया है। अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने कहा कि अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई, जिसके कारण यह दुखद घटना हुई।

नोएडा प्राधिकरण और ट्रैफिक विभाग पर भी सवाल
हालांकि कार्रवाई पुलिस पर हुई है, लेकिन स्थानीय लोगों और परिवार का गुस्सा अभी भी बना हुआ है। सवाल यह उठ रहा है कि सेक्टर-150 जैसे विकसित इलाके में इतना बड़ा और खतरनाक गड्ढा खुला क्यों था। वहां न कोई चेतावनी बोर्ड था और न ही रात में दिखने वाली रिफ्लेक्टर लाइट। लोगों का दावा है कि इस गड्ढे की जानकारी पहले भी नोएडा प्राधिकरण को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

SIT के सख्त सुझाव, सुधार की जरूरत
SIT ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कई सख्त सुझाव दिए हैं। सभी निर्माण स्थलों, खुले बेसमेंट और खतरनाक गड्ढों का तुरंत ऑडिट करने को कहा गया है। साथ ही सुरक्षा जाल और साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य करने की बात कही गई है। पुलिस कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली सुधारने के लिए नई तकनीक और ट्रेनिंग पर जोर दिया गया है।

इंसाफ की उम्मीद में परिवार
युवराज मेहता के परिवार के लिए ये 100 दिन बेहद मुश्किल रहे हैं। उनका कहना है कि सिर्फ पुलिसकर्मियों का निलंबन काफी नहीं है। असली न्याय तब होगा जब उन अधिकारियों और ठेकेदारों पर भी कार्रवाई होगी, जिनकी लापरवाही से यह गड्ढा खुला रहा। अब सवाल यह है कि क्या सिस्टम इस हादसे से सबक लेगा या यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।