नोएडा अस्पताल में बड़ा खुलासा… इंसानों के इलाज के लिए मंगवाई गई जानवरों वाली सिरिंज, सिस्टम पर उठे सवाल

Noida News: नोएडा जिला अस्पताल में इंसानों के इलाज के लिए जानवरों वाली सिरिंज मंगवा ली गईं। स्टाफ की सतर्कता से मामला सामने आया और उपयोग से पहले ही स्टॉक रोक दिया गया। CMS अजय राणा ने सप्लाई एजेंसी को जिम्मेदार बताया और जांच के साथ सख्त कार्रवाई की बात कही।

Apr 2, 2026 - 13:08
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नोएडा अस्पताल में बड़ा खुलासा… इंसानों के इलाज के लिए मंगवाई गई जानवरों वाली सिरिंज, सिस्टम पर उठे सवाल

Uttar Pradesh News: नोएडा के जिला अस्पताल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां मरीजों के इलाज के लिए ऐसी सिरिंज मंगवा ली गईं, जो असल में जानवरों के उपयोग के लिए बनी होती हैं। यह खरीद रोजमर्रा की जरूरत को पूरा करने के लिए सरकारी प्रक्रिया के तहत की गई थी। लेकिन जब अस्पताल में इनकी सप्लाई पहुंची और स्टाफ ने जांच की, तो सच्चाई सामने आई। अगर समय रहते यह गलती नहीं पकड़ी जाती, तो मरीजों की सेहत पर बड़ा खतरा बन सकता था।

खरीद प्रक्रिया में कहां हुई चूक?
यह सिरिंज सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के जरिए खरीदी गई थीं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी गलती कैसे हो गई। संभावना है कि ऑर्डर देते समय गलत प्रोडक्ट चुना गया हो या सप्लाई एजेंसी ने गलत सामान भेज दिया हो। इसके अलावा, वेरिफिकेशन के दौरान भी लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। क्योंकि इस प्रक्रिया में कई स्तर पर जांच होती है, जिससे ऐसी गलती पहले ही पकड़ी जा सकती थी।

स्टाफ की सतर्कता से बचा बड़ा खतरा
इस मामले का खुलासा अस्पताल के कर्मचारियों की सतर्कता से हुआ। जब उन्होंने पैकेट पर For Animal Use Only लिखा देखा, तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद जांच की गई, जिसमें साफ हो गया कि सिरिंज पशुओं के लिए हैं। अगर यह गलती पकड़ में नहीं आती, तो मरीजों के इलाज में इनका इस्तेमाल हो सकता था, जिससे संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती थीं।

CMS अजय राणा ने क्या कहा?
अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट (CMS) अजय राणा ने कहा कि ऑर्डर तय मानकों के अनुसार ही दिया गया था। उनके मुताबिक, सप्लाई एजेंसी ने गलत सामान भेजा है। जैसे ही मामला सामने आया, पूरे स्टॉक को अलग कर दिया गया और उसके उपयोग पर रोक लगा दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सिस्टम पर उठे बड़े सवाल
जिला अस्पताल जैसे संस्थान में इस तरह की घटना होना चिंता का विषय है। यह सिर्फ एक गलती नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की निगरानी और जवाबदेही पर सवाल उठाता है। हालांकि राहत की बात यह है कि इन सिरिंज का इस्तेमाल नहीं हुआ था। सिर्फ एक बॉक्स को डॉक्टरों की निगरानी में जांच के लिए खोला गया था। अब प्रशासन ने भविष्य में ऐसी गलती रोकने के लिए प्रक्रिया को और सख्त करने की बात कही है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।