पति, पत्नी और वो… तीनों न सुन सकते थे, न बोल सकते थे, फिर हुआ खौफनाक मर्डर, पुलिस ने ऐसे लगाया कातील का पता
Karnataka News: मैसूर में एक चौंकाने वाले मामले में दिव्यांग पति स्वामी की उसके दोस्त श्रीनिवास ने हत्या कर दी। दोनों सुन और बोल नहीं सकते थे। पुलिस ने तकनीकी जांच और विशेषज्ञों की मदद से केस सुलझाया। प्रेम त्रिकोण के चलते यह हत्या की साजिश रची गई थी।
कर्नाटक के मैसूर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पति, पत्नी और उनका दोस्त तीनों ही सुन और बोल नहीं सकते थे। इसी बीच पति की हत्या हो जाती है और पूरे मामले में उसका दोस्त ही मुख्य संदिग्ध बन जाता है। लेकिन इस केस की सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि न आरोपी अपने पक्ष को साफ तरीके से बता सकता था और न ही पीड़ित पत्नी बयान दे सकती थी। इसके बावजूद पुलिस ने इस जटिल मामले की गुत्थी सुलझाई और हत्या के पीछे छिपे पूरे राज का खुलासा कर दिया।
गुमशुदगी से शुरू हुई रहस्यमयी कहानी
यह घटना देवरम्मनहल्ली गांव की है। मृतक का नाम स्वामी था और उसकी पत्नी सविता भी दिव्यांग है। दोनों सुन और बोल नहीं सकते थे, लेकिन इसके बावजूद वे सामान्य जीवन जी रहे थे। 12 फरवरी को स्वामी अचानक लापता हो गया। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद 4 मार्च को सविता ने नंजनगुड ग्रामीण थाने में अपने पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच में सामने आया हत्या का सच
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की। जांच के दौरान चौंकाने वाला सच सामने आया कि स्वामी की हत्या कर दी गई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि इस वारदात में शामिल आरोपी भी दिव्यांग ही थे। इससे पुलिस के लिए केस को समझना और भी कठिन हो गया।
दोस्ती, प्यार और हत्या की साजिश
जांच में पता चला कि स्वामी का दोस्त श्रीनिवास इस हत्या का मुख्य आरोपी है। वह भी सुन और बोल नहीं सकता। दोनों कॉलेज के समय से दोस्त थे, लेकिन बाद में श्रीनिवास की नजर स्वामी की पत्नी सविता पर पड़ गई। वह किसी भी कीमत पर सविता से शादी करना चाहता था, जिसके कारण उसने स्वामी को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच दी।
बहाने से बुलाकर की गई हत्या
पुलिस के अनुसार, 12 फरवरी को श्रीनिवास ने स्वामी को अमृतूर इलाके में पैसे देने के बहाने बुलाया। वहां उसने उसे शराब पिलाई और फिर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को एक कुएं में फेंक दिया गया।
पुलिस की तकनीकी जांच से खुला राज
इस केस की जांच में पुलिस को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि सभी मुख्य लोग दिव्यांग थे। पुलिस ने स्पीच एंड हियरिंग स्पेशलिस्ट की मदद ली और वीडियो कॉल व तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला। इन्हीं सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपी श्रीनिवास को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
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