काली माता मंदिर में बड़ा एक्शन… जूना अखाड़े का सख्त फैसला, पुलिस की मौजूदगी में हटाए गए महंत
Uttar Pradesh News: मुरादाबाद के काली माता मंदिर में प्रबंधन विवाद के बाद जूना अखाड़े ने बड़ा फैसला लेते हुए पुराने महंतों को हटा दिया। नए प्रबंधक और पुजारी नियुक्त किए गए। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई हुई। मंदिर की पूरी व्यवस्था अब अखाड़े की 13 मणि शाखा के नियंत्रण में है।
Moradabad Kali Mata Temple: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के मुगलपुरा इलाके में स्थित प्रसिद्ध लालबाग प्राचीन सिद्ध पीठ श्री काली माता मंदिर (मिश्री गिरि जी का टीला) में लंबे समय से चल रहे प्रबंधन विवाद पर अब बड़ा फैसला लिया गया है। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा ने सख्त कार्रवाई करते हुए मंदिर के पुराने महंतों को पद से हटा दिया है और नई नियुक्तियां कर दी हैं। अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक और अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि महाराज के निर्देश पर यह बदलाव किया गया। इस कार्रवाई के बाद मंदिर परिसर में भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच नया प्रशासनिक ढांचा लागू कर दिया गया है।
लंबे विवाद के बाद अखाड़े का सख्त फैसला
मंदिर के प्रबंधन और कार्यशैली को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। जनता की लगातार शिकायतों और अनुशासनहीनता के आरोपों के बाद अखाड़े ने यह कदम उठाया। महंत सज्जन गिरि और महंत राम गिरि को तत्काल प्रभाव से प्रयागराज स्थानांतरित कर दिया गया। जूना अखाड़े के प्रवक्ता महंत नारायण गिरि ने बताया कि इन महंतों को पहले कई बार सुधार के लिए नोटिस दिए गए थे, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।
रिपोर्ट के आधार पर लिया गया बड़ा निर्णय
महंत नारायण गिरि की अध्यक्षता में एक टीम ने पूरी स्थिति की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर अखाड़ा महासभा ने यह निर्णय लिया। इसके बाद अखाड़े की टीम भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मंदिर पहुंची और परिसर का पूरा कार्यभार अपने हाथों में ले लिया। नए प्रबंधकों और पुजारियों को दायित्व सौंपा गया और परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना भी संपन्न कराई गई।
मंदिर परिसर में सख्त सुरक्षा और नियंत्रण
कार्रवाई के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह पुलिस छावनी में बदल गया। श्रद्धालुओं को सुरक्षा कारणों से बाहर कर दिया गया और मंदिर के सभी कमरों तथा भवनों पर नए ताले लगाए गए। इस दौरान कुछ विरोध की स्थिति भी बनी, जिसमें हटाए गए महंतों ने आपत्ति जताने की कोशिश की। महंत सज्जन गिरि को पुलिस की सहायता से कमरे से बाहर निकाला गया।
नई नियुक्तियां और प्रशासनिक बदलाव
अखाड़े द्वारा जारी आदेश के अनुसार महंत महाकाल गिरि को मंदिर का नया प्रबंधक और महंत हितेश्वर गिरि को सहायक प्रबंधक बनाया गया है। पूजा व्यवस्था के लिए महंत वशिष्ठ गिरि को नीचे वाले मंदिर और महंत इच्छा गिरि को ऊपर वाले मंदिर का मुख्य पुजारी नियुक्त किया गया है। वहीं, स्थानांतरित महंत राम गिरि को प्रयागराज के दत्त मंदिर और महंत सज्जन गिरि को दशाश्वमेध घाट स्थित जूना अखाड़ा में भेजा गया है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
