14 मार्च से शुरू होगा खरमास, एक महीने तक शादी-विवाह समेत कई शुभ कार्यों पर रहेगी रोक

14 मार्च 2026 को सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने के साथ ही खरमास का प्रारंभ होगा। हिंदू परंपराओं के अनुसार, इस एक महीने की अवधि में विवाह और अन्य शुभ कार्यों से परहेज किया जाता है।

Mar 10, 2026 - 09:49
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14 मार्च से शुरू होगा खरमास, एक महीने तक शादी-विवाह समेत कई शुभ कार्यों पर रहेगी रोक

पंचांग के अनुसार हर साल खरमास दो बार लगता है और इस दौरान कई मांगलिक कार्यों को करने से परहेज किया जाता है। पहली बार खरमास धनु संक्रांति के समय दिसंबर-जनवरी में लगता है, जबकि दूसरी बार मीन संक्रांति के समय मार्च-अप्रैल में पड़ता है। साल 2026 में मार्च महीने में मीन संक्रांति वाला खरमास शुरू होने जा रहा है। ज्योतिष मान्यता के अनुसार जैसे ही खरमास शुरू होता है, वैसे ही शादी-विवाह और अन्य शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। इसलिए इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण जैसे कार्य नहीं किए जाते और लोग धार्मिक कार्यों पर अधिक ध्यान देते हैं।

14 मार्च से लगेगा खरमास, 14 अप्रैल को होगा समाप्त
ज्योतिष गणना के अनुसार जब सूर्य देव एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, उसे संक्रांति कहा जाता है। 14 मार्च 2026 को देर रात 1 बजकर 8 मिनट पर सूर्य देव मीन राशि में गोचर करेंगे। इसी के साथ खरमास की शुरुआत हो जाएगी। यह अवधि लगभग एक महीने तक चलेगी और 14 अप्रैल 2026 को समाप्त होगी। 14 अप्रैल को जब सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तब खरमास खत्म हो जाएगा और उसके बाद फिर से सभी शुभ कार्य शुरू हो सकेंगे।

खरमास में क्यों नहीं किए जाते मांगलिक कार्य
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास के दौरान विवाह और अन्य मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता है कि इस समय किए गए शुभ कार्यों के सफल होने की संभावना कम रहती है। इसलिए इस दौरान विवाह, यज्ञोपवीत संस्कार, कान छिदवाना, गृह प्रवेश, नया व्यापार शुरू करना और नामकरण जैसे कार्य नहीं किए जाते। इसके अलावा नया घर या संपत्ति खरीदना और नया वाहन खरीदना भी इस समय टालने की सलाह दी जाती है।

खरमास में किए जाते हैं धार्मिक और पुण्य कार्य
जहां एक ओर मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है, वहीं दूसरी ओर धार्मिक कार्यों का महत्व बढ़ जाता है। इस दौरान सूर्य देव की पूजा और आराधना करना बहुत शुभ माना जाता है। साथ ही पिता और पूर्वजों के लिए श्राद्ध करना भी पुण्यदायक माना जाता है। खरमास में जल का दान करना भी विशेष फलदायी बताया गया है। इसके अलावा पवित्र नदियों में स्नान करना भी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

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Aniket Prajapati अनिकेत प्रजापति UP News Network असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर है। वे 1 साल से ज्योतिष और धार्मिक, बिजनेस, नेशनल, उत्तर प्रदेश, गैजेट्स, हेल्थ आदि से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं। अनिकेत प्रजापति पिछले 1 साल से UP News Network, (Digital) के साथ जुड़े हैं। वह TV 24 Network में भी काम कर चुके हैं। अनिकेत प्रजापति ने भारतीय जनसंचार संस्थान University of Lucknow से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।