ईरान युद्धविराम के बाद भारतीय कंपनियों को बड़ा मौका, निर्यात और ऑर्डर में तेजी की उम्मीद

ईरान में युद्धविराम के बाद भारतीय कंपनियों ने निर्यात फिर से शुरू कर दिया है और बढ़ती मांग के लिए तैयारी कर रही हैं, जिससे मध्य पूर्व में व्यापार के अवसरों को बढ़ावा मिल रहा है।

Apr 10, 2026 - 11:17
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ईरान युद्धविराम के बाद भारतीय कंपनियों को बड़ा मौका, निर्यात और ऑर्डर में तेजी की उम्मीद

ईरान और मध्य-पूर्व क्षेत्र में हुए हालिया युद्धविराम के बाद भारतीय कंपनियां तेजी से सक्रिय हो गई हैं। कंपनियां अब इस मौके का फायदा उठाते हुए निर्यात फिर से शुरू कर रही हैं और प्रभावित क्षेत्रों में अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ा रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध के दौरान कारोबार में भारी गिरावट आई थी, लेकिन अब हालात सामान्य होने की उम्मीद है। खासकर दवा, खाद्य और इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाली कंपनियां नए ऑर्डर की तैयारी कर रही हैं। इस बदलाव से भारतीय व्यापार को बड़ा फायदा मिल सकता है।

निर्यात और सप्लाई चेन फिर हो रही सामान्य
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियां अब मध्य-पूर्व देशों में निर्यात दोबारा शुरू कर रही हैं। फार्मा कंपनियों ने बताया है कि दवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि युद्ध के बाद देश अपने स्टॉक को फिर से भरना चाहते हैं। वहीं, पैकेज्ड फूड बनाने वाली कंपनियों ने कहा कि सप्लाई चेन धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।

इलेक्ट्रॉनिक और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों की तैयारी
Havells India जैसी कंपनियां एयर कंडीशनर, फ्रिज, तार और केबल के बढ़ते ऑर्डर के लिए तैयार हो रही हैं। कंपनी के प्रमुख अनिल राय गुप्ता ने कहा कि मध्य-पूर्व में दोबारा निर्माण के काम में भारत को बड़ा फायदा मिल सकता है। Havells अपनी कुल निर्यात आय का करीब 40% इसी क्षेत्र से कमाती है और उसे केबल और तार के क्षेत्र में अच्छे अवसर नजर आ रहे हैं।

रोजमर्रा के सामान की मांग बढ़ने की उम्मीद
AWL Agri Business ने दुबई के जेबेल अली बंदरगाह पर फिर से माल भेजना शुरू करने की योजना बनाई है। कंपनी के अधिकारी अंग्शु मलिक के अनुसार, आने वाले समय में माल की वॉल्यूम बढ़कर 4,000 से 5,000 टन प्रति माह तक पहुंच सकती है। युद्ध के दौरान कंपनी ओमान के रास्ते माल भेज रही थी।

स्थानीय प्लांट फिर से पूरी क्षमता पर
Parle Products और Dabur India जैसी कंपनियां, जिनके मध्य-पूर्व में प्लांट हैं, अब पूरी क्षमता से उत्पादन शुरू कर रही हैं। Parle के अधिकारी मयंक शाह ने बताया कि बहरीन का प्लांट अब 100% क्षमता पर काम करेगा। वहीं Blue Star भी बढ़ती मांग को पूरा करने की तैयारी कर रही है।

SMEs और निर्यातकों को राहत
युद्धविराम और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के दोबारा खुलने से छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) को भी राहत मिली है। Federation of Indian Export Organisations के डायरेक्टर जनरल अजय सहाय ने कहा कि इससे लॉजिस्टिक्स आसान होगा और माल ढुलाई व बीमा की लागत, जो पहले 40-50% बढ़ गई थी, अब कम होने लगेगी।

शिपिंग दरों में उतार-चढ़ाव जारी
हालांकि युद्धविराम के बावजूद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है, जिससे शिपिंग कंपनियां सतर्क हैं। इस बीच, ड्रूरी का वर्ल्ड कंटेनर इंडेक्स 21.59% बढ़कर 2,309 डॉलर प्रति कंटेनर हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्धविराम लंबा चलता है, तो व्यापार में और तेजी आ सकती है।

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Aniket Prajapati अनिकेत प्रजापति UP News Network असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर है। वे 1 साल से ज्योतिष और धार्मिक, बिजनेस, नेशनल, उत्तर प्रदेश, गैजेट्स, हेल्थ आदि से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं। अनिकेत प्रजापति पिछले 1 साल से UP News Network, (Digital) के साथ जुड़े हैं। वह TV 24 Network में भी काम कर चुके हैं। अनिकेत प्रजापति ने भारतीय जनसंचार संस्थान University of Lucknow से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।