होलिका की राख क्यों मानी जाती है पवित्र? सही जगह रख दी तो बदल सकती है किस्मत

सनातन धर्म में होलिका दहन की अग्नि को बहुत पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इस अग्नि में नकारात्मक शक्तियां नष्ट हो जाती हैं। खास बात यह है कि होलिका की आग ही नहीं, बल्कि उसके बाद बचने वाली राख भी धार्मिक दृष्टि से बेहद शुभ मानी जाती है। कहा जाता है कि इस राख को सही तरीके से लगाने और घर में रखने से जीवन की कई परेशानियां दूर हो सकती हैं।

Feb 26, 2026 - 09:21
Feb 26, 2026 - 09:25
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होलिका की राख क्यों मानी जाती है पवित्र? सही जगह रख दी तो बदल सकती है किस्मत

रंगों का त्योहार होली आने में अब बस कुछ ही दिन बाकी हैं और लोगों में उत्साह बढ़ता जा रहा है। पंचांग के अनुसार साल 2026 में होलिका दहन 3 मार्च, मंगलवार को किया जाएगा। सनातन धर्म में होलिका दहन की अग्नि को बहुत पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इस अग्नि में नकारात्मक शक्तियां नष्ट हो जाती हैं। खास बात यह है कि होलिका की आग ही नहीं, बल्कि उसके बाद बचने वाली राख भी धार्मिक दृष्टि से बेहद शुभ मानी जाती है। कहा जाता है कि इस राख को सही तरीके से लगाने और घर में रखने से जीवन की कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। आइए जानते हैं इससे जुड़े मुहूर्त और उपाय।

माथे पर होलिका की राख लगाने का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार होलिका दहन की अग्नि में बुरी ऊर्जा जलकर समाप्त हो जाती है, इसलिए उसकी राख को शुद्ध और पवित्र माना जाता है। माथे पर इसका तिलक लगाने से बुरी नजर और नकारात्मक प्रभाव से बचाव होता है। ऐसा भी माना जाता है कि इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। कई लोग इसे रोग और संकट से रक्षा का प्रतीक भी मानते हैं। साथ ही राख लगाने से मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ने की मान्यता भी है।

घर में कहां रखें होलिका की राख
अगर आप होलिका की राख घर लाते हैं तो उसे सही स्थान पर रखना जरूरी माना जाता है। मान्यता है कि राख को साफ डिब्बी या लाल कपड़े में बांधकर पूजा स्थान पर रखना चाहिए। इसे तिजोरी या धन रखने की जगह पर भी रखा जा सकता है, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहती है। कुछ लोग घर के मुख्य दरवाजे पर थोड़ी राख छिड़कते हैं, ताकि नकारात्मक ऊर्जा दूर रहे।

राख लगाने की सही विधि
होलिका दहन के बाद जब अग्नि पूरी तरह ठंडी हो जाए, तब थोड़ी राख लें। अगले दिन स्नान करने के बाद दाहिने हाथ की अनामिका उंगली से माथे पर तिलक लगाएं। तिलक लगाते समय भगवान विष्णु या अपने इष्ट देव का स्मरण करना शुभ माना जाता है।

होलिका दहन की पौराणिक कथा
होलिका दहन की कथा भक्त प्रह्लाद और उसके पिता हिरण्यकश्यप से जुड़ी है। कथा के अनुसार हिरण्यकश्यप अपने पुत्र को भगवान की भक्ति से रोकना चाहता था। उसने अपनी बहन होलिका की मदद से प्रह्लाद को अग्नि में बैठा दिया। लेकिन भगवान की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका जलकर भस्म हो गई। इस घटना को बुराई पर अच्छाई और अहंकार पर आस्था की जीत के रूप में देखा जाता है। इसी कारण होलिका दहन की अग्नि और उसकी राख को कल्याणकारी माना जाता है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। वे राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में उन्हें 2 वर्ष का अनुभव है। उन्होंने रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव रखते हैं। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से वे यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़े हैं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। उनकी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान वे कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुके हैं।