एक महिला कांस्टेबल की गवाही ने पलट दिया पूरा केस, 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा, जानिए क्या था मामला

Tamil Nadu News: तमिलनाडु के सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा सुनाई गई। लॉकडाउन के दौरान पिता-पुत्र की हिरासत में मौत हुई थी। महिला कांस्टेबल रेवती की बहादुर गवाही से पूरा सच सामने आया। कोर्ट ने CBI जांच के आधार पर बड़ा फैसला दिया।

Apr 10, 2026 - 15:03
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एक महिला कांस्टेबल की गवाही ने पलट दिया पूरा केस, 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा, जानिए क्या था मामला

तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के सथानकुलम में साल 2020 में हुआ कस्टोडियल डेथ केस एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले में मदुरै की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। CBI की जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने 9 पुलिसकर्मियों को दोषी मानते हुए फांसी की सजा दी है। यह घटना लॉकडाउन के समय की है, जब दुकान खोलने के आरोप में एक पिता और बेटे को पुलिस ने हिरासत में लिया था। हिरासत के दौरान दोनों की मौत हो गई थी। इस पूरे मामले का सच एक महिला कांस्टेबल रेवती की गवाही से सामने आया, जिसने डर के बावजूद सच बताया।

लॉकडाउन में गिरफ्तारी से शुरू हुआ मामला
यह घटना 2020 में लॉकडाउन के दौरान की है। पी. जयराज और उनके बेटे जे. बेनिक्स पर दुकान खोलने का आरोप लगा था। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया। बाद में दोनों की पुलिस लॉकअप में मौत हो गई। इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया था। मामला बढ़ने पर CBI जांच शुरू हुई और कई गंभीर खुलासे हुए।

लॉकअप में रातभर की क्रूरता का खुलासा
महिला कांस्टेबल रेवती ने बताया कि रात के समय थाने में लगातार चीखें सुनाई दे रही थीं। पिता और बेटा लगातार माफी मांग रहे थे, लेकिन उन्हें बेरहमी से पीटा जा रहा था। उनके शरीर पर गंभीर चोटें थीं और खून बह रहा था। टॉर्चर कई घंटों तक चलता रहा और बीच-बीच में इसे और भी ज्यादा हिंसक बनाया गया।

गवाह रेवती ने बताया पूरा सच
रेवती उस रात ड्यूटी पर थीं। उन्होंने मजिस्ट्रेट को बताया कि कैसे पुलिसकर्मी लगातार मारपीट कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सहकर्मियों और अधिकारियों की ओर से चुप रहने का दबाव था। लेकिन सुरक्षा की गारंटी मिलने के बाद उन्होंने सच बताया और पूरी घटना का खुलासा किया।

पुलिस स्टेशन में डर और दबाव का माहौल
रेवती ने बताया कि स्टेशन का माहौल बहुत डरावना था। कई सीनियर अधिकारी इस मामले में शामिल थे। गवाही देना उनके लिए आसान नहीं था। लेकिन उनकी बहादुरी से ही आरोपियों की पहचान हुई और मामला मजबूत हुआ।

कोर्ट का बड़ा फैसला और न्याय की मिसाल
रेवती की गवाही और CBI जांच के आधार पर अदालत ने 9 पुलिसकर्मियों को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई। यह फैसला न्याय व्यवस्था में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह केस दिखाता है कि सच बोलने की हिम्मत इतिहास बदल सकती है और न्याय दिला सकती है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।