बीमारी से पहले ही चेतावनी दे रही नई तकनीक, प्रिवेंटिव प्रिसिजन मेडिसिन से इलाज होगा आसान

निवारक सटीक चिकित्सा सूक्ष्मजीवों, आनुवंशिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके बीमारियों का शीघ्र पता लगाने में मदद करती है, जिससे बेहतर और त्वरित उपचार संभव हो पाता है।

Apr 10, 2026 - 13:57
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बीमारी से पहले ही चेतावनी दे रही नई तकनीक, प्रिवेंटिव प्रिसिजन मेडिसिन से इलाज होगा आसान

आज के समय में अगर किसी बीमारी का पता पहले ही चल जाए, तो उसका इलाज आसान हो जाता है और गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। इसी दिशा में प्रिवेंटिव प्रिसिजन मेडिसिन एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है। यह तकनीक केवल बीमारी का इलाज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पहले से ही उसके खतरे को पहचानने में मदद करती है। इसमें हर व्यक्ति के शरीर, आदतों और जेनेटिक जानकारी के आधार पर बीमारी का अंदाजा लगाया जाता है। इससे समय रहते इलाज शुरू किया जा सकता है और बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

बीमारी के कारणों को समझकर होता है इलाज
इस तकनीक में डॉक्टर यह समझने की कोशिश करते हैं कि किसी व्यक्ति को बीमारी क्यों और कैसे होती है। वे सिर्फ सामान्य लक्षणों या रिपोर्ट्स पर निर्भर नहीं रहते। मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, उसकी जेनेटिक जानकारी और जीवनशैली को ध्यान में रखकर बीमारी के खतरे का आकलन किया जाता है।

माइक्रोबायोम से मिलते हैं अहम संकेत
डॉक्टर शरीर में मौजूद अच्छे और बुरे बैक्टीरिया, यानी माइक्रोबायोम का भी अध्ययन करते हैं। Apollo Spectra Hospital के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. रवि केसारी के अनुसार, 2024 में इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मॉलिक्यूलर साइंसेज में प्रकाशित एक स्टडी में बताया गया है कि माइक्रोबायोम कई बीमारियों से जुड़ा होता है। इससे समय रहते बीमारी की पहचान की जा सकती है।

डेटा और AI से पहचान हुई आसान
आज के समय में हेल्थ रिकॉर्ड, मेडिकल इमेज और जीन से जुड़े डेटा को एक साथ जोड़ा जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इन बड़े डेटा को समझने में मदद कर रहा है। AI की मदद से छोटे-छोटे लक्षणों से भी बीमारी का पता लगाया जा सकता है, जो आमतौर पर नजर नहीं आते। इससे जटिल बीमारियों की पहचान भी समय से पहले हो रही है।

सही इलाज चुनने में भी मददगार
यह तकनीक सिर्फ बीमारी पहचानने तक सीमित नहीं है, बल्कि सही इलाज चुनने में भी मदद करती है। उदाहरण के तौर पर क्रोहन डिजीज में मरीज के माइक्रोबायोम के आधार पर यह तय किया जा सकता है कि कौन सी दवा ज्यादा असरदार होगी। इससे सही दवा और उसकी सही मात्रा तय हो जाती है और बार-बार दवा बदलने की जरूरत नहीं पड़ती।

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Aniket Prajapati अनिकेत प्रजापति UP News Network असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर है। वे 1 साल से ज्योतिष और धार्मिक, बिजनेस, नेशनल, उत्तर प्रदेश, गैजेट्स, हेल्थ आदि से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं। अनिकेत प्रजापति पिछले 1 साल से UP News Network, (Digital) के साथ जुड़े हैं। वह TV 24 Network में भी काम कर चुके हैं। अनिकेत प्रजापति ने भारतीय जनसंचार संस्थान University of Lucknow से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।