एक्स-मुस्लिम सलीम वास्तिक निकला 13 साल के बच्चे का कातिल… 25 साल तक छिपाया रहा अपना खौफनाक राज

Salim Vastic Arrest: गाजियाबाद में 31 साल पुराने अपहरण और हत्या के मामले में फरार आरोपी सलीम वास्तिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। वह 1995 के केस में दोषी था और 25 साल से फरार चल रहा था। पहचान बदलकर रह रहा था, लेकिन पुलिस ने जांच कर उसे पकड़ लिया।

Apr 25, 2026 - 14:00
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एक्स-मुस्लिम सलीम वास्तिक निकला 13 साल के बच्चे का कातिल… 25 साल तक छिपाया रहा अपना खौफनाक राज

Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 31 साल पुराने अपहरण और हत्या के केस में फरार आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लंबे समय से फरार चल रहे सलीम वास्तिक को पकड़ने में सफलता हासिल की है। जांच में सामने आया कि वह 1995 में हुए एक 13 वर्षीय बच्चे के मर्डर केस में दोषी था और करीब 25 साल से फरार था। आरोपी ने अपनी पहचान बदलकर पुलिस को गुमराह किया और अलग-अलग जगहों पर छिपकर रह रहा था।

1995 में हुआ था सनसनीखेज अपहरण
पुलिस के अनुसार, साल 1995 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक कारोबारी के बेटे संदीप बंसल का अपहरण कर लिया गया था। अपहरण के अगले ही दिन आरोपियों ने फोन कर 30,000 रुपये की फिरौती मांगी और पैसे न मिलने पर बच्चे की हत्या की धमकी दी।

पूछताछ में कबूला जुर्म
जांच के दौरान पुलिस को शक सलीम खान पर हुआ, जो उस समय बच्चे के स्कूल में मार्शल आर्ट्स सिखाता था। हिरासत में पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर बच्चे का शव बरामद हुआ, जिससे पूरे मामले का खुलासा हो गया।

अदालत से सजा, फिर जमानत पर फरार
इस केस में साल 1997 में अदालत ने सलीम खान और उसके साथी अनिल को उम्रकैद की सजा सुनाई। लेकिन साल 2000 में उसे दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई। जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया और फिर कभी अदालत में पेश नहीं हुआ। 2011 में हाईकोर्ट ने उसकी सजा को बरकरार रखा, लेकिन तब तक वह फरार था।

पहचान बदलकर करता रहा गुमराह
पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली। उसने खुद को मृत घोषित कर दिया और नाम बदलकर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक रख लिया। वह हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में छिपकर रह रहा था।

गाजियाबाद में कारोबार कर रहा था
आखिरकार वह गाजियाबाद के लोनी इलाके में आकर बस गया और कपड़ों का कारोबार शुरू कर दिया। साथ ही वह सोशल मीडिया और यूट्यूब पर भी सक्रिय हो गया था और अपने बयानों के कारण चर्चा में रहने लगा। हाल ही में उस पर हमला भी हुआ था, जिससे वह फिर सुर्खियों में आया।

ऐसे हुई गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पुराने रिकॉर्ड, फिंगरप्रिंट और फोटो के आधार पर उसकी पहचान की पुष्टि की। लंबे समय तक निगरानी के बाद पुलिस ने लोनी से उसे गिरफ्तार कर लिया।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।