युवाओं में बढ़ रहा माइग्रेन का खतरा: स्क्रीन टाइम और नींद की कमी बन रही बड़ी वजह
स्क्रीन पर अधिक समय बिताने और नींद की कमी के कारण युवाओं में माइग्रेन के मामले बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों से इसके लक्षण और बचाव के उपाय जानें।
आज के समय में माइग्रेन एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है। पहले यह बीमारी 30 से 40 साल की उम्र के लोगों में ज्यादा देखी जाती थी, लेकिन अब 25 से 30 साल के युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। खासतौर पर महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है, लेकिन पुरुष भी इससे अछूते नहीं हैं। लगातार सिरदर्द, चक्कर और आंखों में परेशानी जैसे लक्षण लोगों को परेशान कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बदलती जीवनशैली और बढ़ता स्क्रीन टाइम इसके मुख्य कारण बन रहे हैं। इस वजह से युवाओं को अपनी आदतों में बदलाव लाने की जरूरत है।
स्क्रीन टाइम और खराब लाइफस्टाइल बना बड़ा कारण
दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के पूर्व एचओडी डॉ. के अनुसार, माइग्रेन के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन कम उम्र में इसका सबसे बड़ा कारण बढ़ता स्क्रीन टाइम है। आजकल लोग लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं, खासकर रात में देर तक फोन चलाते रहते हैं। इससे नींद पूरी नहीं हो पाती और आंखों व दिमाग पर दबाव बढ़ता है। यही दबाव माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है।
नींद की कमी से बढ़ती समस्या
डॉक्टरों का कहना है कि नींद की कमी माइग्रेन का एक बड़ा कारण है। जब शरीर और दिमाग को पर्याप्त आराम नहीं मिलता, तो सिरदर्द शुरू हो जाता है, जो धीरे-धीरे माइग्रेन का रूप ले सकता है। युवाओं में खराब लाइफस्टाइल और अनियमित दिनचर्या के कारण यह समस्या बढ़ रही है। इसके अलावा नींद की कमी से हार्मोन असंतुलन भी होता है, जिससे मोटापा और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं भी बढ़ती हैं।
माइग्रेन के प्रमुख लक्षण
माइग्रेन के दौरान सिर के एक हिस्से में तेज दर्द होता है। इसके साथ ही धुंधला दिखाई देना, चक्कर आना और कभी-कभी उल्टी जैसा महसूस होना भी इसके लक्षण हैं। अगर ये लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
बचाव के लिए अपनाएं आसान उपाय
माइग्रेन से बचने के लिए रोजाना 7-8 घंटे की नींद लेना बहुत जरूरी है। इसके अलावा स्क्रीन टाइम को कम करना चाहिए, खासकर सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल न करें। हर 30-40 मिनट में स्क्रीन से ब्रेक लेना भी जरूरी है। मानसिक तनाव से दूर रहें, ज्यादा पानी पिएं और हेल्दी डाइट लें। इन आसान उपायों से माइग्रेन की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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