संभावना या अनुमान से दोषी करार नहीं किया जा सकता… रेप केस में 11 साल जेल काटने के बाद हाईकोर्ट ने किया बरी

Uttar Pradesh News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार और मौत के मामले में 11 साल जेल काट रहे निर्मल कुमार को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि केवल संदेह या अनुमान के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। डीएनए टेस्ट न होना जांच की गंभीर चूक है।

Apr 7, 2026 - 14:25
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संभावना या अनुमान से दोषी करार नहीं किया जा सकता… रेप केस में 11 साल जेल काटने के बाद हाईकोर्ट ने किया बरी

Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अहम फैसला सुनाते हुए 11 साल जेल में रहने वाले निर्मल कुमार को बरी कर दिया। यह मामला नाबालिग किशोरी के साथ बलात्कार और उसकी मौत से जुड़ा था। आरोपी 2010 से जेल में बंद था। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि केवल संदेह या अनुमान के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

फैजाबाद सत्र अदालत का फैसला रद्द
20 सितंबर 2010 को फैजाबाद जिले में पड़ोसी निर्मल कुमार पर नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार का आरोप लगा था। तीन दिन बाद पीड़िता की मौत हो गई। पीड़िता के पिता ने निर्मल कुमार के खिलाफ FIR दर्ज कराई। सत्र अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। निर्मल कुमार ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की, जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है।

जांच एजेंसी की चूक पर कोर्ट ने दी टिप्पणी
कोर्ट ने टिप्पणी में कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट में पीड़िता के योनि स्वाब पर मानव वीर्य जरूर पाया गया, लेकिन यह साबित नहीं हुआ कि यह निर्मल कुमार का ही था। डीएनए टेस्ट या वैज्ञानिक मिलान न होने को कोर्ट ने जांच एजेंसी की गंभीर चूक बताया।

संदेह के आधार पर जेल में रखना गलत
हाईकोर्ट ने कहा कि बिना ठोस और वैज्ञानिक सबूत के किसी व्यक्ति को 11 साल तक जेल में रखना न्यायोचित नहीं है। केवल अनुमान और संदेह के आधार पर किसी को दोषी मानना कानून के अनुसार गलत है। इसके आधार पर खंडपीठ ने निर्मल कुमार की रिहाई का आदेश दे दिया।

न्यायिक निर्णय का महत्व
यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया में ठोस सबूतों की अहमियत को दर्शाता है। कोर्ट ने यह संदेश दिया कि कानून केवल संदेह के आधार पर लोगों की आजीवन आज़ादी नहीं छीनेगा और जांच एजेंसियों की गलतियों को गंभीरता से देखा जाएगा।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।