RBI ला रहा विदेशों से सोना वापस, जानिए क्या है इसके पीछे की बड़ी रणनीति

आरबीआई तेजी से भारत के स्वर्ण भंडार को विदेशों से वापस ला रहा है। जानिए वैश्विक अनिश्चितता और आर्थिक जोखिमों के बीच यह रणनीतिक कदम क्यों महत्वपूर्ण है।

May 2, 2026 - 08:07
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RBI ला रहा विदेशों से सोना वापस, जानिए क्या है इसके पीछे की बड़ी रणनीति

जब बात देश की मेहनत की कमाई और आर्थिक सुरक्षा की होती है, तो हर फैसला बेहद सोच-समझकर लिया जाता है। इसी दिशा में (RBI) एक बड़ा कदम उठा रहा है। दशकों से भारत समेत कई देशों का सोना लंदन और न्यूयॉर्क जैसे विदेशी बैंकों में रखा जाता था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। RBI तेजी से अपना सोना विदेशों से वापस भारत ला रहा है। यह कदम केवल आर्थिक नहीं, बल्कि वैश्विक अनिश्चितताओं से बचाव की रणनीति का हिस्सा है, ताकि किसी भी संकट में देश की संपत्ति पूरी तरह सुरक्षित रह सके।

देश में बढ़ रहा सोने का भंडार
RBI की हालिया रिपोर्ट (अक्टूबर 2025 से मार्च 2026) के अनुसार, भारत के पास कुल 880.52 मीट्रिक टन सोना है। इसमें से करीब 77 प्रतिशत यानी लगभग 680 टन सोना अब देश के भीतर ही रखा गया है। वहीं 197.67 टन सोना Bank of England और Bank for International Settlements (BIS) के पास है, जबकि 2.8 टन सोना जमा के रूप में रखा गया है। खास बात यह है कि सिर्फ छह महीने में ही 104.23 टन सोना भारत वापस लाया गया है। मार्च 2023 तक केवल 37 प्रतिशत सोना ही देश में था, जिससे इस बदलाव की तेजी साफ दिखाई देती है।

विदेश में सोना रखने पर क्यों बढ़ी चिंता
रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी देशों द्वारा कुछ देशों की संपत्ति पर रोक लगाने की घटनाओं ने दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है। G7 देशों द्वारा अफगानिस्तान और रूस के फंड पर लगाए गए प्रतिबंधों से यह साफ हो गया कि विदेशों में रखी संपत्ति पूरी तरह सुरक्षित नहीं होती। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर सोना अपने देश में नहीं है, तो संकट के समय उसका उपयोग मुश्किल हो सकता है। यही कारण है कि भारत इसे “स्ट्रैटेजिक इंश्योरेंस” के रूप में देख रहा है। इसके चलते विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी 13.9% से बढ़कर 16.7% हो गई है, भले ही कुल भंडार 691.1 अरब डॉलर पर आ गया हो।

दुनिया के कई देश भी बदल रहे रणनीति
यह कदम केवल भारत ही नहीं, बल्कि कई अन्य देश भी उठा रहे हैं। France ने हाल ही में 129 टन सोना न्यूयॉर्क से पेरिस शिफ्ट किया है, जिससे उसे 12.8 अरब यूरो का लाभ हुआ। Germany ने 2014 से 2017 के बीच 300 टन सोना वापस मंगाया था, हालांकि उसका कुछ हिस्सा अभी भी न्यूयॉर्क में है। वहीं Poland और Czech Republic भी अपनी रणनीति को संतुलित कर रहे हैं।

बदलते हालात में मजबूत हो रही भारत की तैयारी
कुल मिलाकर, RBI का यह कदम बदलते वैश्विक हालात में देश की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट के समय भारत के पास अपनी संपत्ति पर पूरा नियंत्रण बना रहे और देश आर्थिक रूप से सुरक्षित रहे।

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Aniket Prajapati अनिकेत प्रजापति UP News Network असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर है। वे 1 साल से ज्योतिष और धार्मिक, बिजनेस, नेशनल, उत्तर प्रदेश, गैजेट्स, हेल्थ आदि से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं। अनिकेत प्रजापति पिछले 1 साल से UP News Network, (Digital) के साथ जुड़े हैं। वह TV 24 Network में भी काम कर चुके हैं। अनिकेत प्रजापति ने भारतीय जनसंचार संस्थान University of Lucknow से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।