प्रतापगढ़ में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रतापगढ़ में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटरों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया और इन्हें वापस लेने की मांग की गई।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर व्यवस्था के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कांग्रेस कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आम बिजली उपभोक्ता भी शामिल हुए, जिन्होंने इस योजना को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर इस व्यवस्था को वापस लेने की मांग की।
पैदल मार्च निकालकर जताया विरोध
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में पैदल मार्च निकालकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना का विरोध किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और कहा कि यह योजना आम जनता के हित में नहीं है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने इसे जबरन लागू करने का आरोप लगाया।
कानून के उल्लंघन का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में कहा कि प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के दौरान विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) का उल्लंघन किया जा रहा है। उनका कहना है कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति के मीटर लगाए जा रहे हैं, जो उनके अधिकारों का हनन है।
उपभोक्ताओं को मिले विकल्प का अधिकार
जिला अध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी ने कहा कि उपभोक्ताओं को प्रीपेड और पोस्टपेड मीटर के बीच चयन करने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और विद्युत विभाग इस अधिकार को नजरअंदाज कर रहे हैं और योजना को जबरन लागू कर रहे हैं।
नेताओं ने जताई नाराजगी
कांग्रेस सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम शंकर द्विवेदी और जिला उपाध्यक्ष विजय शंकर त्रिपाठी ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लाखों उपभोक्ताओं के मीटर बिना अनुमति के बदले जा रहे हैं, जिससे जनता में गुस्सा बढ़ रहा है।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से कई मांगें की हैं। इनमें स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना को समाप्त करना, जबरन लगाए गए मीटर हटाना, पारंपरिक पोस्टपेड मीटर को फिर से लागू करना और इस योजना से जुड़ी तकनीकी समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक करना शामिल है।
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