मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की तैयारी? 13 मंत्री पद खाली, यूपी-पंजाब चुनाव से पहले नए चेहरों को मिल सकती है जगह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में मंत्रिपरिषद विस्तार और फेरबदल की संभावना बढ़ गई है। मौजूदा समय में 13 मंत्री पद खाली हैं और कई बड़े मंत्रियों के पास एक से ज्यादा मंत्रालयों की जिम्मेदारी है। हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा के राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में शामिल नहीं होने के बाद उनके मंत्री पद को लेकर भी चर्चा तेज है। संभावित विस्तार में उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत आगामी विधानसभा चुनाव वाले राज्यों को प्रतिनिधित्व मिल सकता है।

Oct 6, 2026 - 16:11
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मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की तैयारी? 13 मंत्री पद खाली, यूपी-पंजाब चुनाव से पहले नए चेहरों को मिल सकती है जगह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के तीसरे कार्यकाल में अब मंत्रिपरिषद के विस्तार और फेरबदल की संभावना बढ़ती नजर आ रही है। सरकार के मौजूदा कार्यकाल के करीब ढाई साल पूरे हो चुके हैं और इस दौरान कई मंत्री मंत्रिपरिषद से बाहर हो चुके हैं। इसका असर यह है कि कई बड़े कैबिनेट मंत्रियों के पास एक से ज्यादा मंत्रालयों की जिम्मेदारी है। ऐसे में संसद के शीतकालीन सत्र से पहले मोदी कैबिनेट में बड़ा बदलाव होने की संभावना जताई जा रही है। मौजूदा स्थिति में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में अधिकतम 81 मंत्री हो सकते हैं, जबकि अभी 68 मंत्री ही सरकार में हैं। यानी अधिकतम निर्धारित संख्या के हिसाब से 13 मंत्री पद खाली हैं। वहीं, अगर हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा जाता है और वे मंत्री पद छोड़ते हैं, तो मंत्रियों की संख्या और कम हो सकती है। ऐसे में सरकार को नए चेहरों को मंत्रिपरिषद में शामिल करने का मौका भी मिलेगा।

कई बड़े मंत्रियों के पास एक से ज्यादा मंत्रालय
मोदी सरकार में इस समय 12 ऐसे मंत्री हैं, जिनके पास एक से ज्यादा मंत्रालयों की जिम्मेदारी है। यह संख्या कुल मंत्रियों की करीब 40 फीसदी बैठती है। इनमें कुछ ऐसे कैबिनेट मंत्री भी हैं, जिनके पास तीन-तीन मंत्रालयों का प्रभार है। मंत्रालयों का अतिरिक्त बोझ बढ़ने की वजह से आने वाले समय में मंत्रिपरिषद के पुनर्गठन की जरूरत और बढ़ गई है। अमित शाह, जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, निर्मला सीतारमण, मनोहर लाल खट्टर, अश्विनी वैष्णव, प्रह्लाद जोशी और जी. किशन रेड्डी समेत कई मंत्रियों के पास एक से अधिक मंत्रालयों का प्रभार है। ऐसे में मंत्रिपरिषद विस्तार के दौरान मंत्रालयों का बंटवारा भी एक बड़ा मुद्दा हो सकता है।

68 मंत्रियों के भरोसे चल रही मोदी सरकार
केंद्रीय मंत्रिपरिषद में अधिकतम 81 मंत्री हो सकते हैं। मौजूदा समय में मोदी सरकार में 29 कैबिनेट मंत्री, 5 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 34 राज्य मंत्री हैं। इस तरह कुल 68 मंत्री सरकार में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। यानी अधिकतम निर्धारित संख्या की तुलना में अभी 13 पद खाली हैं। आम तौर पर केंद्रीय मंत्रिपरिषद में करीब 75 मंत्री रहने की स्थिति रही है, लेकिन मौजूदा सरकार में यह संख्या उससे भी कम है। अगर आने वाले समय में दो और मंत्री बाहर होते हैं, तो मंत्रियों की संख्या 66 तक पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति में सरकार के पास नए चेहरों को शामिल करने की पर्याप्त गुंजाइश होगी।

धर्मेंद्र प्रधान के बाद बढ़ा मंत्रालयों का अतिरिक्त बोझ
मंत्रियों के पास एक से अधिक मंत्रालय होने की मौजूदा स्थिति के पीछे हाल के महीनों में हुए बदलाव भी अहम हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को संभालनी पड़ रही है। पहले से एक अहम मंत्रालय संभाल रहे जोशी के पास शिक्षा मंत्रालय आने से उनके जिम्मेदारियों का दायरा और बढ़ गया है। सरकार के सामने चुनौती यह भी है कि बड़े मंत्रालयों का कामकाज लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लंबे समय तक एक ही मंत्री के पास कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी रखना राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन सकता है।

हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा पर भी टिकी नजर
बीजेपी की ओर से राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और राज्य मंत्री बीएल वर्मा के भविष्य को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। दोनों को इस बार उत्तर प्रदेश से घोषित राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में जगह नहीं मिली है। हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा दोनों का राज्यसभा का दूसरा कार्यकाल पूरा होने वाला है। अगर उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा जाता है तो उन्हें मंत्री पद भी छोड़ना पड़ सकता है। ऐसा होने पर केंद्र सरकार में मंत्रियों की मौजूदा संख्या और घट जाएगी। इससे पहले जून में रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन को भी बीजेपी ने दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा था। इसके बाद उन्हें केंद्रीय मंत्रिपरिषद से बाहर होना पड़ा। दोनों ही नेताओं का राज्यसभा में पहला कार्यकाल था।

मोदी के तीसरे कार्यकाल में पहली बार बड़े फेरबदल की संभावना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल की शुरुआत जून 2024 में हुई थी। उस समय दूसरे कार्यकाल के ज्यादातर प्रमुख मंत्रियों को तीसरी सरकार में भी जगह मिली थी। इसके बाद अब तक मोदी सरकार ने मंत्रिपरिषद का कोई बड़ा विस्तार नहीं किया है। सरकार के मौजूदा कार्यकाल का करीब आधा हिस्सा पूरा हो चुका है। ऐसे में मंत्रियों के कामकाज, खाली पदों और आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए मंत्रिपरिषद में बदलाव की संभावना मजबूत मानी जा रही है। संसद के शीतकालीन सत्र से पहले अगर विस्तार होता है तो इसमें नए चेहरों को जगह देने के साथ-साथ कुछ मौजूदा मंत्रियों के मंत्रालयों में भी बदलाव किया जा सकता है।

यूपी और पंजाब चुनाव पर रहेगा फोकस
मंत्रिपरिषद विस्तार की सबसे बड़ी राजनीतिक वजह आने वाले विधानसभा चुनाव भी हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों की राजनीति को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार नए चेहरों को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जगह दे सकती है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राजनीतिक राज्य है और 2027 में यहां विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में यूपी से कुछ और बड़े नेताओं को केंद्र सरकार में जगह मिल सकती है। राज्य की जातीय और क्षेत्रीय राजनीति को देखते हुए बीजेपी के सामने अलग-अलग सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने का विकल्प भी रहेगा। वहीं पंजाब में भी आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सिख प्रतिनिधित्व सरकार के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। हरदीप सिंह पुरी के मंत्रिपरिषद से बाहर होने की स्थिति में केंद्र सरकार में सिख प्रतिनिधित्व खत्म हो सकता है। ऐसे में पंजाब से किसी सिख नेता को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जगह दिए जाने की संभावना पर भी नजर रहेगी।

मुस्लिम और क्रिश्चियन प्रतिनिधित्व भी चर्चा में
मौजूदा मोदी सरकार में मुस्लिम और क्रिश्चियन समुदाय से कोई मंत्री नहीं है। अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व की बात करें तो सरकार में किरेन रिजिजू बौद्ध समुदाय से आने वाले प्रमुख चेहरे हैं। अगर हरदीप सिंह पुरी मंत्रिपरिषद से बाहर होते हैं तो सिख प्रतिनिधित्व भी खत्म हो सकता है। ऐसे में संभावित मंत्रिपरिषद विस्तार में क्षेत्रीय और राजनीतिक समीकरणों के साथ-साथ सामाजिक एवं धार्मिक प्रतिनिधित्व पर भी ध्यान दिया जा सकता है। सरकार के अगले विस्तार में किसी क्रिश्चियन नेता को जगह मिलने की संभावना भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा है। हालांकि अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेतृत्व के स्तर पर ही होगा।

नए चेहरों के साथ मंत्रालयों में भी हो सकता है बदलाव
संभावित मंत्रिपरिषद विस्तार सिर्फ खाली पद भरने तक सीमित नहीं रह सकता। सरकार के कई मंत्रियों के पास एक से ज्यादा मंत्रालय होने के कारण मंत्रालयों का पुनर्वितरण भी किया जा सकता है। कुछ मंत्रियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियों से मुक्त किया जा सकता है, जबकि कुछ नए चेहरों को महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस बदलाव में प्रशासनिक जरूरतों के साथ-साथ राज्यों के आगामी विधानसभा चुनाव और बीजेपी के राजनीतिक समीकरण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अगर शीतकालीन सत्र से पहले विस्तार होता है तो यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बड़ा मंत्रिपरिषद फेरबदल होगा।

शीतकालीन सत्र से पहले हो सकता है फैसला
मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए नवंबर-दिसंबर में संभावित संसद के शीतकालीन सत्र से पहले मंत्रिपरिषद विस्तार की संभावना बनी हुई है। खाली पद, कई मंत्रियों पर अतिरिक्त मंत्रालयों का बोझ और आने वाले विधानसभा चुनावइन सभी कारणों से सरकार के सामने मंत्रिपरिषद के पुनर्गठन का मजबूत आधार मौजूद है। अब नजर इस बात पर होगी कि सरकार खाली पदों को भरने के लिए किन राज्यों और किन सामाजिक समीकरणों को प्राथमिकता देती है। अगर हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा भी मंत्री पद से बाहर होते हैं, तो नए चेहरों के लिए केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जगह और बढ़ जाएगी। ऐसे में संभावित फेरबदल में उत्तर प्रदेश, पंजाब और दूसरे चुनावी राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content