इंडिया गठबंधन में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य, राहुल गांधी से मुलाकात के बाद किया ऐलान, बोले- ये तो बस शुरुआत है
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मौर्य ने कहा कि उनकी और कांग्रेस की विचारधारा और संघर्ष एक जैसे हैं। उन्होंने राहुल गांधी को देश का अगला प्रधानमंत्री बनाने की इच्छा जताई और कहा कि आज की बैठक सिर्फ शुरुआत है। इंडिया गठबंधन से जुड़ने की बात के बीच कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें भी तेज हो गई हैं। इस मुलाकात के बाद अब अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के साथ मौर्य के अगले राजनीतिक कदम पर भी नजर है।
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सियासी मुलाकातों का दौर तेज होता दिखाई दे रहा है। शनिवार को अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने दिल्ली में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मौर्य के बयान ने इस बैठक को लेकर राजनीतिक चर्चाओं को और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी और कांग्रेस की विचारधारा और संघर्ष एक जैसे हैं। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को देश का अगला प्रधानमंत्री बनाने की इच्छा भी जाहिर की। मुलाकात के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने खुद कहा कि आज की बैठक सिर्फ शुरुआत है और आगे की जानकारी उचित समय पर दी जाएगी। इसी बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि क्या मौर्य की पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ आगे औपचारिक रूप से जुड़ सकती है या इस मुलाकात का दायरा फिलहाल राजनीतिक संवाद तक ही सीमित है।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद क्या बोले स्वामी प्रसाद मौर्य?
दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और राष्ट्र से जुड़े मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश में भी वह इन्हीं मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। मौर्य ने कहा कि दोनों पक्षों की विचारधारा और संघर्ष एक जैसे हैं। उन्होंने इस मुलाकात को केवल नेताओं की सामान्य मुलाकात के तौर पर नहीं रखा, बल्कि इसे राजनीतिक सहयोग की दिशा में एक कदम के रूप में पेश किया।
मौर्य बोले- राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं
मुलाकात के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि राहुल गांधी देश के अगले प्रधानमंत्री बनें। मौर्य के इस बयान से मुलाकात का राजनीतिक संदेश और स्पष्ट हो गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस एक विकल्प के रूप में मौजूद है और समान विचारधारा वाले लोगों को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इस मुलाकात के बाद क्या राजनीतिक निर्णय लिया गया है, इसे लेकर अभी कोई अलग औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
इंडिया गठबंधन से जुड़ने की बात, मौर्य ने क्या कहा?
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जिन मुद्दों को लेकर वह संघर्ष कर रहे हैं, राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस भी उन मुद्दों को उठा रही है। इसी समानता के आधार पर उन्होंने इंडिया गठबंधन के साथ जुड़ने के निर्णय की बात कही। उनका कहना था कि इस विषय पर राहुल गांधी के साथ चर्चा हुई है। मौर्य ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में इस बातचीत का दायरा बढ़ सकता है। सबसे ज्यादा चर्चा उनके इसी बयान की हो रही है कि आज की बैठक तो बस शुरुआत है। उन्होंने आगे की जानकारी उचित समय पर देने की बात कही है।
क्या कांग्रेस में शामिल होंगे स्वामी प्रसाद मौर्य?
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें भी शुरू हो गई हैं। हालांकि, फिलहाल उपलब्ध जानकारी में मौर्य ने कांग्रेस में शामिल होने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है। उनकी ओर से अपनी जनता पार्टी और इंडिया गठबंधन के साथ जुड़ने को लेकर बात कही गई है। इसलिए कांग्रेस में सीधे शामिल होने की संभावना को फिलहाल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जा सकता है। आने वाले दिनों में मौर्य और कांग्रेस के बीच होने वाली अगली बैठकों या किसी औपचारिक घोषणा से तस्वीर ज्यादा साफ हो सकती है।
2027 से पहले यूपी में नए राजनीतिक समीकरण की कोशिश
उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन राजनीतिक दलों और नेताओं की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। अलग-अलग दलों के नेता संभावित गठबंधन, सामाजिक समीकरण और चुनावी रणनीति को लेकर बातचीत कर रहे हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य की राहुल गांधी से मुलाकात को भी इसी व्यापक राजनीतिक गतिविधि के बीच देखा जा रहा है। खास तौर पर मौर्य का पिछड़ा वर्ग, दलित और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय राजनीतिक रुख रहा है। ऐसे में उनकी कांग्रेस के साथ बढ़ती नजदीकी का असर विपक्षी राजनीति के समीकरणों पर चर्चा का विषय बन गया है।
सपा-कांग्रेस के बीच भी सीट बंटवारे का सवाल
उत्तर प्रदेश में विपक्षी राजनीति की तस्वीर में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की भूमिका महत्वपूर्ण है। दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर राजनीतिक संवाद जारी रहा है, लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे की तस्वीर अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ऐसे समय में अगर अपनी जनता पार्टी भी विपक्षी गठबंधन के साथ सक्रिय रूप से जुड़ती है, तो सीटों के बंटवारे और चुनावी तालमेल का सवाल आगे महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, फिलहाल यह साफ नहीं है कि मौर्य की पार्टी के लिए सीटों या किसी औपचारिक गठबंधन की क्या व्यवस्था होगी।
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