नवरात्रि से पहले घर से हटाएं ये 5 चीजें, सूखी तुलसी और खंडित मूर्तियों को लेकर वास्तु में बताई गई है खास मान्यता

नवरात्रि से पहले घर की सफाई करते समय सिर्फ धूल-मिट्टी हटाना ही काफी नहीं माना जाता। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूखी तुलसी, खंडित मूर्तियां, टूटी झाड़ू, चटका हुआ कांच, बंद घड़ी और खराब सामान को घर से हटाने की सलाह दी जाती है।

Oct 5, 2026 - 16:15
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नवरात्रि से पहले घर से हटाएं ये 5 चीजें, सूखी तुलसी और खंडित मूर्तियों को लेकर वास्तु में बताई गई है खास मान्यता

नवरात्रि शुरू होने से पहले घर की साफ-सफाई को लेकर लोगों में खास उत्साह रहता है। मान्यता है कि नवरात्रि के दिनों में घर का वातावरण साफ और सकारात्मक रखना शुभ माना जाता है। इसी वजह से लोग पूजा की तैयारियों के साथ-साथ घर में लंबे समय से रखी बेकार, टूटी या खराब चीजों को भी बाहर निकालते हैं। वास्तुशास्त्र में भी कुछ ऐसी वस्तुओं का जिक्र मिलता है, जिन्हें घर में नकारात्मकता और रुकी हुई ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि से पहले सूखी तुलसी, खंडित मूर्तियां, टूटी झाड़ू, चटका हुआ कांच और बंद घड़ी जैसी चीजों को घर से हटा देना चाहिए। मान्यता है कि इन वस्तुओं को घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है और परिवार के वातावरण पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, ये धार्मिक और वास्तु संबंधी मान्यताएं हैं, जिनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

खंडित मूर्तियां और फटे-पुराने पूजा के वस्त्र
नवरात्रि से पहले सबसे पहले पूजा घर की सफाई करने की सलाह दी जाती है। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा स्थान में देवी-देवताओं की खंडित मूर्ति या क्षतिग्रस्त तस्वीर नहीं रखनी चाहिए। अगर कोई मूर्ति टूट गई है या तस्वीर खराब हो गई है तो उसे पूजा स्थान से सम्मानपूर्वक हटा देना चाहिए। मान्यता के अनुसार, मिट्टी से बनी मूर्ति को उचित धार्मिक विधि से विसर्जित किया जा सकता है। वहीं तस्वीर या दूसरी पूजा सामग्री को सम्मानपूर्वक किसी उचित स्थान पर रखा या धार्मिक परंपरा के अनुसार विसर्जित किया जाता है। किसी भी सामग्री को नदी या सार्वजनिक स्थान पर फेंकने के बजाय स्थानीय धार्मिक परंपरा और पर्यावरण नियमों का ध्यान रखना बेहतर है। इसी तरह पूजा के दौरान इस्तेमाल होने वाले फटे-पुराने या अत्यधिक क्षतिग्रस्त वस्त्रों को भी बदलने की सलाह दी जाती है। नवरात्रि से पहले पूजा स्थान को व्यवस्थित करना धार्मिक रूप से शुभ वातावरण बनाने की तैयारी के तौर पर देखा जाता है।

सूखी तुलसी और कांटेदार पौधों को घर से हटाएं
तुलसी के पौधे को हिंदू परंपरा में बेहद पवित्र माना जाता है और कई घरों में इसकी नियमित पूजा की जाती है। वास्तु तथा धार्मिक मान्यताओं में हरी-भरी तुलसी को सकारात्मकता और शुभता से जोड़ा जाता है। ऐसे में अगर घर में तुलसी का पौधा पूरी तरह सूख गया है तो उसे लंबे समय तक उसी गमले में रखना उचित नहीं माना जाता। नवरात्रि से पहले सूखी तुलसी को सम्मानपूर्वक हटाकर उसके स्थान पर स्वस्थ पौधा लगाया जा सकता है। सूखी शाखाओं और पौधों को भी घर में लंबे समय तक जमा करके रखने से बचने की सलाह दी जाती है। इसी तरह वास्तु मान्यताओं में कांटेदार और सूखे पौधों को भी घर के वातावरण के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इसलिए अगर बालकनी, छत या घर के किसी हिस्से में ऐसे पौधे पड़े हैं जो पूरी तरह सूख चुके हैं या खराब हो गए हैं, तो उनकी सफाई कर देना बेहतर माना जाता है।

टूटी या खराब झाड़ू भी घर में न रखें
भारतीय परंपरा में झाड़ू को साफ-सफाई के साथ-साथ माता लक्ष्मी से भी जोड़ा जाता है। यही वजह है कि झाड़ू को लेकर कई धार्मिक और वास्तु मान्यताएं प्रचलित हैं। वास्तु के अनुसार, टूटी, घिसी हुई या खराब झाड़ू को घर में लंबे समय तक रखना उचित नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है और आर्थिक स्थिति पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए नवरात्रि से पहले घर की सफाई करते समय झाड़ू की स्थिति भी देख लें। अगर झाड़ू काफी पुरानी हो चुकी है या उसका इस्तेमाल ठीक से नहीं हो रहा है तो उसे बदल देना बेहतर है। नई झाड़ू रखने के साथ उसे साफ और व्यवस्थित स्थान पर रखना भी जरूरी माना जाता है।

चटका हुआ कांच, टूटे बर्तन और एक्सपायर्ड दवाइयां 
घर में कई ऐसी चीजें होती हैं जिनका इस्तेमाल बंद हो चुका होता है, लेकिन वे अलमारी, किचन या किसी कोने में पड़ी रहती हैं। इनमें चटके हुए कांच, टूटे बर्तन, पुराने अखबार, बेकार मैगजीन और एक्सपायर्ड दवाइयां शामिल हो सकती हैं। वास्तु मान्यताओं में टूटी और बेकार वस्तुओं को रुकी हुई ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। इसी कारण नवरात्रि से पहले ऐसी चीजों को हटाने की सलाह दी जाती है। खासकर टूटे कांच और शीशे को घर में रखना कई परंपराओं में अशुभ माना जाता है। एक्सपायर्ड दवाइयों को लेकर हालांकि धार्मिक मान्यता से ज्यादा जरूरी स्वास्थ्य और सुरक्षा है। ऐसी दवाइयों का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए और उन्हें सुरक्षित तरीके से डिस्पोज करना चाहिए। इसी तरह चटके हुए या टूटे बर्तनों को भी इस्तेमाल से बाहर कर देना बेहतर है, क्योंकि उनसे चोट लगने का खतरा हो सकता है।

बंद घड़ी और खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान भी निकालें
नवरात्रि से पहले घर की सफाई करते समय बंद पड़ी घड़ियों और खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान पर भी नजर डालें। वास्तु मान्यताओं में रुकी हुई घड़ी को रुकी हुई प्रगति और नकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए अगर घर में कोई घड़ी काफी समय से बंद पड़ी है तो उसे ठीक करवाएं या फिर इस्तेमाल योग्य न होने पर हटा दें। इसी तरह खराब मोबाइल, पुराने चार्जर, टूटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, खराब तार और दूसरे अनुपयोगी सामान को भी घर में जमा करके नहीं रखना चाहिए। इन चीजों को हटाने से घर व्यवस्थित रहता है और अनावश्यक सामान भी कम होता है। मुख्य द्वार के आसपास भी खास सफाई रखें। वास्तु मान्यताओं में प्रवेश द्वार को घर की ऊर्जा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसलिए वहां पुराने जूते-चप्पल, टूटा सामान या कचरा जमा करके रखने से बचने की सलाह दी जाती है।

नवरात्रि के पहले दिन मुख्य द्वार पर करें ये काम
नवरात्रि की शुरुआत से पहले घर की सफाई के साथ पूजा स्थान और मुख्य द्वार को भी व्यवस्थित किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मुख्य द्वार को शुभ और स्वच्छ रखना सकारात्मक माना जाता है। नवरात्रि के पहले दिन कई लोग मुख्य द्वार पर हल्दी और पानी से स्वास्तिक बनाते हैं। इसके साथ आम के पत्तों का तोरण लगाने की भी परंपरा है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं में स्वास्तिक को मंगल और शुभता का प्रतीक माना जाता है। मुख्य द्वार की सफाई के साथ घर के पूजा स्थान को भी व्यवस्थित करें, दीपक और पूजा सामग्री तैयार रखें और नवरात्रि की पूजा अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार करें।

नवरात्रि से पहले सफाई का मतलब सिर्फ घर चमकाना नहीं
नवरात्रि से पहले घर की सफाई को लेकर धार्मिक और वास्तु परंपराओं में विशेष महत्व बताया गया है। इसका उद्देश्य केवल धूल-मिट्टी हटाना नहीं बल्कि लंबे समय से जमा बेकार सामान को हटाकर घर को व्यवस्थित करना भी है। सूखे पौधे, टूटी वस्तुएं, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान, बंद घड़ियां और इस्तेमाल से बाहर हो चुकी चीजों को हटाने से घर साफ और व्यवस्थित रहता है। वहीं पूजा स्थान की सफाई और मुख्य द्वार की सजावट नवरात्रि की धार्मिक तैयारियों का हिस्सा बन सकती है। हालांकि, मां दुर्गा के नाराज होने या किसी वस्तु से निश्चित रूप से नकारात्मक ऊर्जा पैदा होने जैसी बातें धार्मिक और वास्तु मान्यताओं पर आधारित हैं, इन्हें वैज्ञानिक तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। नवरात्रि की तैयारी में सबसे महत्वपूर्ण बात स्वच्छता, श्रद्धा और अपनी परंपराओं के अनुसार पूजा करना है।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content