CJP प्रोटेस्ट में पहुंचे नसीरुद्दीन शाह पर पीयूष मिश्रा का पलटवार, LPU से स्मित मच्छार तक गिनाए मुद्दे, बोले- अब हर बयान का जवाब मिलेगा

नसीरुद्दीन शाह के CJP प्रदर्शन में पहुंचने के बाद अभिनेता पीयूष मिश्रा ने सोशल मीडिया वीडियो के जरिए उन पर कई सवाल उठाए। पीयूष ने फ्लाइट हादसे में यात्रियों की जान बचाने वाले स्मित मच्छार की बहादुरी और LPU से जुड़े छात्र विवाद का जिक्र करते हुए पूछा कि इन मुद्दों पर नसीरुद्दीन शाह की प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई। उन्होंने झारखंड छात्र आंदोलन से जुड़े पुराने प्रसंग और नसीरुद्दीन शाह के पुराने बयान का भी जिक्र किया। दोनों कलाकारों के बीच पहले भी सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर सार्वजनिक बयानबाजी सामने आ चुकी है।

Oct 5, 2026 - 15:20
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CJP प्रोटेस्ट में पहुंचे नसीरुद्दीन शाह पर पीयूष मिश्रा का पलटवार, LPU से स्मित मच्छार तक गिनाए मुद्दे, बोले- अब हर बयान का जवाब मिलेगा

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर दिए जाने वाले बयानों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। इस बार अभिनेता पीयूष मिश्रा ने नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधते हुए सवाल किया है कि जब वह अलग-अलग मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं, तो कुछ घटनाओं पर उनकी चुप्पी क्यों रहती है। पीयूष मिश्रा ने खास तौर पर फ्लाइट हादसे में यात्रियों की जान बचाने वाले स्मित मच्छार और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी यानी LPU से जुड़े विवाद का जिक्र किया। यह विवाद उस समय और चर्चा में आया जब मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में नसीरुद्दीन शाह के अलावा संगीतकार विशाल ददलानी समेत कई जानी-मानी हस्तियां पहुंची थीं। इसी प्रदर्शन के संदर्भ में पीयूष मिश्रा ने नसीरुद्दीन शाह के पुराने बयानों और उनकी सार्वजनिक सक्रियता का जिक्र करते हुए उनसे दूसरे मुद्दों पर भी बोलने की मांग की।

पीयूष मिश्रा ने कहा- अब हर बयान का जवाब दूंगा
पीयूष मिश्रा ने सोशल मीडिया पर जारी किए गए एक वीडियो में नसीरुद्दीन शाह को अपना पुराना जानकार बताते हुए कई मुद्दों पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि नसीरुद्दीन शाह जिस तरह सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं, उसी तरह कुछ ऐसी घटनाओं पर भी उन्हें अपनी बात रखनी चाहिए, जिन्हें पीयूष मिश्रा महत्वपूर्ण मानते हैं। पीयूष ने कहा कि अब नसीरुद्दीन शाह जब भी कोई सार्वजनिक बयान देंगे, तो वह उसका जवाब देंगे। इसके बाद उन्होंने फ्लाइट से जुड़ी घटना और LPU में छात्रों से जुड़े विवाद को अपने सवालों का आधार बनाया। पीयूष मिश्रा ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 से जुड़ी घटना का जिक्र करते हुए स्मित मच्छार नाम के व्यक्ति की बहादुरी की तारीफ की। उनके मुताबिक, इस घटना में स्मित ने ऐसा साहस दिखाया जिससे विमान में सवार करीब 170 लोगों की जान बचाने में मदद मिली। पीयूष ने सवाल उठाया कि अगर नसीरुद्दीन शाह सार्वजनिक रूप से सामाजिक घटनाओं और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं, तो उन्हें इस घटना पर भी बोलना चाहिए और स्मित की बहादुरी की सराहना करनी चाहिए। उनका यह बयान सीधे तौर पर नसीरुद्दीन शाह की चुप्पी को लेकर सवाल खड़ा करने वाला था।

LPU मामले पर भी नसीरुद्दीन शाह से मांगी संवेदना
पीयूष मिश्रा ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने वहां छात्रों और पुलिस के बीच हुए कथित विवाद और धक्का-मुक्की का जिक्र करते हुए नसीरुद्दीन शाह से इस मुद्दे पर भी अपनी प्रतिक्रिया देने की मांग की। पीयूष ने नसीरुद्दीन शाह के उस पुराने बयान का संदर्भ दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने NSD और FTII में जितना नहीं सीखा, उससे ज्यादा उन्होंने बच्चों से सीखा है। इसी बात को आधार बनाकर पीयूष ने तंज किया कि अगर ये बच्चे उनके लिए सीखने का जरिया रहे हैं, तो LPU से जुड़े विवाद पर उन्हें अपनी संवेदना भी जाहिर करनी चाहिए।

झारखंड आंदोलन का जिक्र, बोले- नज्म नहीं आटा-दाल चाहिए थी
पीयूष मिश्रा ने अपने वीडियो में झारखंड के छात्र आंदोलन से जुड़े पुराने प्रसंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने झारखंड के लोगों के लिए नसीरुद्दीन शाह से मदद मांगी थी, तब नसीरुद्दीन शाह की ओर से एक पाकिस्तानी शायरा की नज्म भेजी गई थी। पीयूष ने इस पर तंज करते हुए कहा कि उस समय वहां के लोगों को नज्म की जगह आटा, दाल, रोटी, लिट्टी और चोखा जैसी जरूरी चीजों की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि वहां के लोगों को पिज्जा या बर्गर की जरूरत नहीं थी। इस बयान के जरिए पीयूष मिश्रा ने यह सवाल उठाया कि सामाजिक संकट के समय सिर्फ सांस्कृतिक या प्रतीकात्मक समर्थन की जगह जमीन पर लोगों की वास्तविक जरूरतों को भी समझना जरूरी है।

नसीरुद्दीन शाह से पुरानी नाराजगी का सिलसिला
नसीरुद्दीन शाह और पीयूष मिश्रा के बीच सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर टिप्पणी का सिलसिला पहले भी सामने आ चुका है। दोनों ही लंबे समय से थिएटर और फिल्मों की दुनिया से जुड़े रहे हैं, लेकिन सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर दोनों की सार्वजनिक टिप्पणियों में कई बार मतभेद दिखाई दिए हैं। पीयूष मिश्रा ने अपने वीडियो में पुराने विवादों को याद करते हुए साफ किया कि वह नसीरुद्दीन शाह की सार्वजनिक टिप्पणियों को आगे भी जवाब देने का इरादा रखते हैं।

छात्र आंदोलन के दौरान भी आमने-सामने आए थे दोनों
इससे पहले छात्र आंदोलन से जुड़े एक विरोध प्रदर्शन के दौरान भी दोनों अभिनेताओं के बीच बयानबाजी सामने आई थी। उस समय नसीरुद्दीन शाह ने प्रदर्शन और सामाजिक मुद्दों पर बॉलीवुड हस्तियों की चुप्पी को लेकर सवाल उठाया था। इसके बाद पीयूष मिश्रा ने भी प्रतिक्रिया देते हुए नसीरुद्दीन शाह से सवाल किया था कि अगर कुछ सेलिब्रिटीज किसी कारण से सार्वजनिक रूप से नहीं बोल रहे हैं, तो उसके पीछे की वजह क्या है। इस पुराने विवाद ने दोनों कलाकारों के बीच वैचारिक मतभेद को सार्वजनिक बहस का हिस्सा बना दिया था।

नसीरुद्दीन शाह ने सेलिब्रिटीज की चुप्पी पर क्या कहा था?
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान सेलिब्रिटीज की मौजूदगी और बॉलीवुड की चुप्पी को लेकर नसीरुद्दीन शाह ने द वायर से बातचीत में अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि सेलिब्रिटीज तभी बोलेंगे, जब उनका जमीर उन्हें ऐसा करने के लिए कहेगा। नसीरुद्दीन शाह ने इस संदर्भ में एक कहावत का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी होती है, वह भौंक नहीं सकता। उनके मुताबिक, जब हड्डी उसके मुंह से गिर जाएगी या उसके दांत टूट जाएंगे, तभी वह भौंक पाएगा। यही बयान बाद में पीयूष मिश्रा की प्रतिक्रिया का आधार बना और उन्होंने इसी भाषा का संदर्भ लेते हुए नसीरुद्दीन शाह से सवाल किया था।

CJP प्रदर्शन में पहुंचे थे नसीरुद्दीन शाह
पूरा विवाद उस प्रदर्शन के बाद फिर चर्चा में आया जिसमें नसीरुद्दीन शाह और विशाल ददलानी समेत कई हस्तियां शामिल हुई थीं। मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई गई। नसीरुद्दीन शाह की इस मौजूदगी के बाद उनके राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर रुख को लेकर बहस शुरू हुई। इसी बीच पीयूष मिश्रा ने सवाल उठाया कि अगर नसीरुद्दीन शाह ऐसे मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते हैं, तो दूसरी घटनाओं पर उनकी प्रतिक्रिया क्यों नहीं आती। पीयूष मिश्रा का पूरा बयान इसी सवाल के इर्द-गिर्द रहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने वाली हस्तियों को अलग-अलग घटनाओं पर अपनी राय रखते समय क्या समान रूप से सभी मुद्दों पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए।

अब नसीरुद्दीन के हर बयान पर नजर रखने की बात
पीयूष मिश्रा ने अपने वीडियो के अंत में नसीरुद्दीन शाह को लेकर अपना रुख साफ कर दिया। उन्होंने कहा कि अब नसीर साहब जब भी सार्वजनिक रूप से कोई बयान देंगे, वह उसका जवाब देंगे। उन्होंने खुद को नसीरुद्दीन शाह का पुराना जानकार बताते हुए अपनी बात खत्म की और इंकलाब जिंदाबाद का नारा लगाया। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि फिल्मों और थिएटर से जुड़े कलाकार जब सार्वजनिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं, तो क्या उनसे हर दूसरे सामाजिक मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया की उम्मीद की जानी चाहिए। फिलहाल पीयूष मिश्रा के सवालों पर नसीरुद्दीन शाह की ओर से कोई ताजा प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content