‘मामला लीगल है 2’ ने मचाया धमाल, कोर्टरूम कॉमेडी में हंसी के साथ दिखी सच्चाई
नेटफ्लिक्स पर 'मामला लीगल है' का दूसरा सीज़न कोर्टरूम कॉमेडी और वास्तविक जीवन पर आधारित व्यंग्य का मिश्रण है। जानिए कहानी, कलाकार, समीक्षा और दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता के कारण।
पटपड़गंज की अदालत एक बार फिर खुल गई है और इस बार मामला पहले से ज्यादा दिलचस्प और शोर-शराबे से भरा हुआ है। Netflix की चर्चित वेब सीरीज ‘मामला लीगल है’ का दूसरा सीजन रिलीज होते ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। इस सीजन में हंसी के साथ-साथ न्याय व्यवस्था की सच्चाई को भी बेहद सरल और मजेदार तरीके से दिखाया गया है। खास बात यह है कि इस बार कहानी में बड़ा बदलाव आया है, जिससे दर्शकों को नया अनुभव मिल रहा है।
त्यागी जी बने जज, कहानी में बड़ा मोड़
इस बार कहानी वहीं से आगे बढ़ती है जहां पहला सीजन खत्म हुआ था, लेकिन एक बड़े बदलाव के साथ। वकील रहे वी.डी. त्यागी, जिनका किरदार Ravi Kishan निभा रहे हैं, अब ‘प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज’ बन चुके हैं। जज बनने के बाद उन्हें एहसास होता है कि फैसले लेना बहस करने से कहीं ज्यादा मुश्किल है। एक तरफ उनका नया सोचने वाला नजरिया है, तो दूसरी तरफ सिस्टम के नियम और दबाव हैं।
कॉमेडी के साथ सिस्टम की सच्चाई
सीरीज की सबसे बड़ी खासियत इसका ब्लैक ह्यूमर है। कोर्ट में सबूतों को चूहों का खा जाना, अजीबोगरीब गवाह और मजेदार केस दर्शकों को खूब हंसाते हैं। साथ ही यह दिखाया गया है कि न्याय व्यवस्था में कई बार देरी क्यों होती है और इसके पीछे क्या कारण होते हैं।
डायरेक्शन और कहानी की पकड़ मजबूत
निर्देशक राहुल पांडे और शो-रनर समीर सक्सेना ने इस सीजन में भी शानदार काम किया है। कहानी को इतना सरल और रोचक रखा गया है कि 8 एपिसोड कब खत्म हो जाते हैं, पता ही नहीं चलता। हालांकि कुछ जगह केस थोड़े लंबे लगते हैं, लेकिन कुल मिलाकर सीरीज दर्शकों को बांधे रखती है।
एक्टिंग ने जीता दिल
रवि किशन के अलावा कई कलाकारों ने शानदार अभिनय किया है। कुशा कपिला, दिव्येंदु भट्टाचार्य, अनंत जोशी, नायला ग्रेवाल और निधि बिष्ट ने अपने किरदारों को बहुत ही सहज तरीके से निभाया है। भोजपुरी स्टार निरहुआ की एंट्री इस सीजन का सरप्राइज पैकेज है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
