कोलकाता DCP के खिलाफ ED का लुकआउट नोटिस, देश छोड़कर भागने का शक, सोना पप्पू सिंडिकेट से जुड़ा है नाम

Kolkata DCP Case: कोलकाता के DCP शांतनु सिन्हा विश्वास के खिलाफ ED ने लुकआउट नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई सोना पप्पू मनी लॉन्ड्रिंग केस में हुई है। आरोपी के देश छोड़कर भागने की आशंका है। इस मामले में पहले छापेमारी भी हो चुकी है और जांच जारी है।

May 5, 2026 - 14:11
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कोलकाता DCP के खिलाफ ED का लुकआउट नोटिस, देश छोड़कर भागने का शक, सोना पप्पू सिंडिकेट से जुड़ा है नाम

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां के डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वास के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है। यह कार्रवाई सोना पप्पू केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। एजेंसी को शक है कि आरोपी देश छोड़कर भाग सकता है। इससे पहले ED ने शांतनु के घर और कई ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। इस मामले ने पुलिस और राजनीति दोनों में हलचल मचा दी है और अब जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।

ED की छापेमारी के बाद जारी हुआ नोटिस
जानकारी के अनुसार, ED ने पिछले महीने शांतनु सिन्हा विश्वास के गोलपार्क स्थित घर समेत कई जगहों पर छापा मारा था। यह कार्रवाई PMLA यानी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत की गई। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान कुछ अहम सुराग मिले, जिसके बाद लुकआउट नोटिस जारी किया गया।

सोना पप्पू सिंडिकेट से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला दक्षिण कोलकाता के बालीगंज इलाके में सक्रिय सोना पप्पू सिंडिकेट से जुड़ा है। आरोपी सोना पप्पू एक रियल एस्टेट कारोबारी और हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और आर्म्स एक्ट समेत 15 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। आरोप है कि उसने लोगों से फ्लैट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये लिए, लेकिन न तो फ्लैट दिए और न ही पैसे लौटाए।

हिंसा और पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
फरवरी में गोलपार्क के कंकुलिया रोड पर दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान बमबाजी, फायरिंग और पत्थरबाजी हुई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सोना पप्पू ने इलाके में दबदबा बनाने के लिए यह साजिश रची थी। इस घटना में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

पुराने मामलों से भी जुड़ा नाम
बताया जाता है कि साल 2010-11 में कंस्ट्रक्शन के धंधे में आने के बाद से ही सोना पप्पू कई विवादों में रहा है। 2015 में उसने बालीगंज रेल यार्ड पर कब्जे की कोशिश की थी। वहीं 2017 में इलाके के वर्चस्व को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।

ममता बनर्जी के करीबी माने जाते हैं DCP
शांतनु सिन्हा विश्वास को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है। हाल ही में वह एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मंच पर भी नजर आए थे। उस समय पुलिस ने कहा था कि वह सुरक्षा के लिए वहां मौजूद थे।

जांच जारी, कई सवाल बाकी
फिलहाल ED की जांच जारी है और मामले में कई अहम पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। यह देखना अहम होगा कि आगे इस केस में क्या नए खुलासे होते हैं।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।