IPL विकेट के बाद निकाली पर्ची, लिखा- 15 साल का दर्द खत्म, मुंबई इंडियंस के रघु शर्मा की पर्ची ने किया सबको भावुक
Raghu Sharma: रघु शर्मा ने IPL में पहला विकेट लेकर पर्ची दिखाई, जिसमें 15 साल के संघर्ष की कहानी लिखी थी। जालंधर से शुरू हुआ उनका सफर कई मुश्किलों से भरा रहा। अब 33 साल की उम्र में उन्हें पहचान मिली है, जो मेहनत और धैर्य की बड़ी मिसाल है।
Mumbai Indians Spinner: आईपीएल में हर दिन नई कहानियां बनती हैं, लेकिन इस बार मुंबई इंडियंस के 33 वर्षीय लेग स्पिनर रघु शर्मा की कहानी ने सभी का ध्यान खींच लिया है। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मैच में रघु ने अपना पहला आईपीएल विकेट लिया और इसके बाद एक पर्ची दिखाकर सबको चौंका दिया। इस पर्ची में 15 साल के संघर्ष की कहानी छिपी थी। यह पल सिर्फ एक विकेट का नहीं, बल्कि लंबे इंतजार और मेहनत की जीत का था। रघु की यह कहानी अब हर क्रिकेट फैन के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
पहला विकेट और पर्ची ने मचाई सनसनी
रघु शर्मा ने अक्षत रघुवंशी को आउट कर अपना पहला आईपीएल विकेट लिया। इसके बाद उन्होंने जेब से एक पर्चा निकाला, जिसमें लिखा था— “राधे-राधे, बहुत से दर्द भरे 15 साल गुरुदेव की कृपा से आज समाप्त हुए। मुंबई इंडियंस का धन्यवाद, मैं हमेशा आभारी रहूंगा। जय श्री राम।” इस भावुक संदेश ने सभी का दिल छू लिया।
जालंधर से IPL तक का सफर
रघु शर्मा का जन्म पंजाब के जालंधर में हुआ। उन्होंने 18 साल की उम्र के बाद ही गंभीर रूप से क्रिकेट खेलना शुरू किया। 2017 में पंजाब के लिए घरेलू क्रिकेट में डेब्यू किया और दूसरे ही मैच में 7 विकेट लिए, लेकिन फिर भी टीम से बाहर कर दिए गए।
कई जगह भटके, लेकिन नहीं छोड़ा सपना
पंजाब में मौका न मिलने पर उन्होंने पुडुचेरी का रुख किया, लेकिन वहां भी ज्यादा मौके नहीं मिले। इसके बाद श्रीलंका में गाले क्रिकेट क्लब के लिए खेलते हुए 6 मैच में 46 विकेट लिए। इंग्लैंड में क्लब क्रिकेट खेलते समय उनकी मुलाकात इमरान ताहिर से हुई, जिन्होंने उनकी गेंदबाजी सुधारने में मदद की।
करियर का मुश्किल दौर और वापसी
रघु को पंजाब लौटने के लिए एनओसी नहीं मिला और वह यो-यो टेस्ट में भी फेल हो गए। इसके बाद वह पुरी के जगन्नाथ मंदिर चले गए और वहां प्रैक्टिस करते रहे। जब उम्मीद खत्म होने लगी, तभी 2024-25 विजय हजारे ट्रॉफी से पहले कोच वसीम जाफर ने उन्हें फिर मौका दिया। उन्होंने फिटनेस टेस्ट पास किया और 8 मैच में 14 विकेट लिए।
नेट गेंदबाज से IPL खिलाड़ी तक का सफर
2025 में वह मुंबई इंडियंस के नेट गेंदबाज बने। बाद में विग्नेश पुथुर के चोटिल होने पर उन्हें टीम में शामिल किया गया और आखिरकार प्लेइंग इलेवन में मौका मिला।
102 किलो वजन से लेकर स्टार बनने तक
रघु पहले फास्ट बॉलर थे, लेकिन चोट के बाद लेग स्पिनर बन गए। उनका वजन कभी 102 किलो था, जिसे उन्होंने मेहनत से कम किया। वह शेन वॉर्न के वीडियो देखकर सीखते थे और आज भी मैच से पहले उन्हें देखते हैं।
मेहनत की जीत की कहानी
रघु शर्मा की कहानी बताती है कि अगर हौसला हो तो देर से ही सही, सफलता जरूर मिलती है। 33 साल की उम्र में मिला यह मौका उनके 15 साल के संघर्ष का नतीजा है।
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