बंगाल-असम जीत के बाद बीजेपी में जश्न, अध्यक्ष नितिन नबीन ने कालीबाड़ी मंदिर में की पूजा
भाजपा ने पश्चिम बंगाल और असम में बड़ी जीत का जश्न मनाया। पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने दिल्ली के कालीबाड़ी मंदिर में प्रार्थना की।
पश्चिम बंगाल और असम में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद पूरे देश में पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। खासकर बंगाल में 15 साल के शासन को खत्म करने और असम में लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने के बाद बीजेपी का मनोबल काफी बढ़ा हुआ है। इसी खुशी के बीच मंगलवार सुबह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन दिल्ली पहुंचे और सीआर पार्क स्थित कालीबाड़ी मंदिर में मां काली के दर्शन किए। उनके साथ कई बड़े नेता भी मौजूद रहे और सभी ने इस जीत को ऐतिहासिक बताया।
कालीबाड़ी मंदिर में की विशेष पूजा
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने कालीबाड़ी मंदिर में पहुंचकर मां काली के चरणों में दंडवत प्रणाम किया और पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनके साथ रेखा गुप्ता, बांसुरी स्वराज और वीरेंद्र सचदेवा भी मौजूद रहे। सभी नेताओं ने मिलकर जीत की खुशी जाहिर की।
जीत पर दी शुभकामनाएं
पूजा के बाद बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि वे पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के लोगों को बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि मां काली और मां कामाख्या की धरती पर मिली जीत के लिए वे मां काली का आशीर्वाद लेने आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल की संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने देश में शांति और समृद्धि की कामना भी की।
कालीबाड़ी मंदिर की खासियत
दिल्ली का कालीबाड़ी मंदिर बंगाली समुदाय के लिए एक प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। इस मंदिर का निर्माण साल 1973 में हुआ था। मान्यता है कि यहां मां काली का स्वरूप बहुत जागृत है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मंदिर सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक और शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहता है।
त्योहारों पर उमड़ती है भीड़
हर साल दुर्गा पूजा के समय यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर में कई बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं। यहां मां काली के साथ भगवान शिव और राधा-गोविंद के मंदिर भी हैं। इसके अलावा सरस्वती पूजा, काली पूजा, महाशिवरात्रि, रामनवमी और होली जैसे कई त्योहार भी धूमधाम से मनाए जाते हैं। शाम के समय कीर्तन का आयोजन भी किया जाता है।
भक्तों के लिए विशेष सुविधाएं
मंदिर परिसर में भक्तों के ठहरने और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था है। यहां एक धर्मशाला भी है, जहां कम दान में ठहरने की सुविधा मिलती है। यात्री निवास में करीब 30 डबल बेड वाले कमरे हैं, जिनमें अटैच्ड बाथरूम और गर्मियों में कूलर की सुविधा दी गई है। साथ ही एक कैंटीन भी है, जहां भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
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