जीजू ने सपने में पकड़ लिया था… 7 साल बाद कोर्ट में पलटी साली, एयरफोर्स कर्मी हुआ बरी

कानपुर में एक एयरफोर्स कर्मी को नाबालिग साली से छेड़छाड़ के आरोप में 7 साल तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। बाद में पीड़िता ने कोर्ट में बताया कि घटना सिर्फ एक सपना थी, जिसके बाद अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।

Mar 10, 2026 - 11:12
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जीजू ने सपने में पकड़ लिया था… 7 साल बाद कोर्ट में पलटी साली, एयरफोर्स कर्मी हुआ बरी

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक एयरफोर्स कर्मी को अपनी ही नाबालिग साली से छेड़छाड़ के आरोप में करीब सात साल तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। इस दौरान उन्हें 19 दिन जेल में भी बिताने पड़े। शनिवार को अदालत ने उन्हें तब बरी कर दिया, जब पीड़िता ने खुद कोर्ट में स्वीकार किया कि जो कुछ हुआ बताया गया था वह असल में एक सपना था। पीड़िता के इस बयान के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया और अदालत ने सभी तथ्यों को देखते हुए एयरफोर्स कर्मी को ससम्मान बरी कर दिया।

शादी के बाद साली भी रहने आई थी घर
जानकारी के अनुसार यह मामला कानपुर के बिठूर क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। आरोपी युवक वर्तमान में पुणे में एयरफोर्स में कारपोरल पद पर तैनात है। उसकी शादी फरवरी 2019 में हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद उसकी 15 वर्षीय नाबालिग साली भी उनके साथ रहने के लिए आ गई थी। बताया जाता है कि 8 मार्च 2019 की रात अचानक किशोरी जोर-जोर से चिल्लाने लगी। उसने आरोप लगाया कि सोते समय उसके जीजा ने उसे दबोच लिया और उसके साथ गलत हरकत की। इस घटना के करीब पांच महीने बाद पीड़िता के पिता ने नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

कोर्ट में पीड़िता के बयान से आया बड़ा मोड़
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की अदालत में शुरू हुई। इसी दौरान पीड़िता के बयान ने पूरे मामले को पलट दिया। किशोरी ने अदालत में बताया कि उस रात करीब नौ बजे उसने एंटीबायोटिक दवा ली थी और वह सो रही थी। उसी दौरान उसे सपना आया कि उसके जीजा ने उसे पकड़ लिया है। इसी वजह से वह घबराकर चिल्लाने लगी थी। उसने कोर्ट में साफ कहा कि यह सिर्फ सपना था और हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था।

परिवार ने भी माना कि हुआ था भ्रम
मामले में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब पीड़िता के पिता और उसकी बड़ी बहन यानी आरोपी की पत्नी ने भी अदालत में बयान दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने केवल भ्रम और गलतफहमी के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि घटना वास्तव में नहीं हुई थी।

7 साल की कानूनी लड़ाई और 19 दिन जेल
वरिष्ठ अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी के अनुसार इस गलतफहमी की भारी कीमत एयरफोर्स कर्मी को चुकानी पड़ी। नवंबर 2019 में उनके खिलाफ मारपीट, बदनामी और लैंगिक हमले जैसे गंभीर आरोपों में चार्ज तय किए गए थे। इसी दौरान उन्हें 19 दिन जेल में भी रहना पड़ा। हालांकि अब अदालत ने सभी गवाहों और पीड़िता के बयान को देखते हुए उन्हें ससम्मान बरी कर दिया है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। वे राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में उन्हें 2 वर्ष का अनुभव है। उन्होंने रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव रखते हैं। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से वे यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़े हैं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। उनकी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान वे कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुके हैं।