तेल-गैस चोरी अब नहीं रहेगी मामूली जुर्म, पाकिस्तान में सीधे टेरर कानून लागू

पाकिस्तान में तेल और गैस संकट के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए तेल-गैस चोरी और अवैध भंडारण को आतंकवाद की श्रेणी में रखने का फैसला किया है। नए कानून के तहत दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी और बिना वारंट गिरफ्तारी का प्रावधान भी किया गया है।

Mar 31, 2026 - 09:17
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तेल-गैस चोरी अब नहीं रहेगी मामूली जुर्म, पाकिस्तान में सीधे टेरर कानून लागू

पाकिस्तान में बढ़ते तेल और गैस संकट के बीच सरकार ने सख्त कदम उठाया है। सोमवार को नेशनल असेंबली में एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया गया, जिसमें तेल और गैस की चोरी, तस्करी और अवैध भंडारण को आतंकवाद की श्रेणी में रखने का प्रस्ताव है। यदि यह विधेयक पास हो जाता है, तो ऐसे मामलों में शामिल लोगों पर टेरर एक्ट लगाया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इस कदम से अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी और ऊर्जा संकट से निपटने में मदद मिलेगी।

संसद में पेश हुआ आपराधिक कानून संशोधन विधेयक 2026
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने आपराधिक कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 संसद में पेश किया है। इस विधेयक को ऊर्जा संकट को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। सरकार का आरोप है कि माफिया पहले तेल ठिकानों पर हमला करते हैं और फिर तेल-गैस का भंडारण कर ऊंचे दामों पर बेचते हैं। इससे आम जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

आतंक फैलाने में इस्तेमाल हो रहा तेल-गैस का पैसा
सरकार का कहना है कि कुछ आतंकी संगठन पाइपलाइनों को नुकसान पहुंचाते हैं और फिर माफियाओं के जरिए तेल और गैस बेचते हैं। इन पैसों का इस्तेमाल देश में आतंक फैलाने के लिए किया जाता है। इसी वजह से सरकार ने इस तरह की गतिविधियों को आतंकवाद से जोड़ते हुए सख्त कानून बनाने का फैसला किया है।

बलूचिस्तान में पाइपलाइन पर हमला, सप्लाई प्रभावित
सोमवार को बलूचिस्तान में तेल पाइपलाइन पर हमले की खबर सामने आई। इस हमले के कारण राजधानी क्वैटा समेत कई इलाकों में तेल और गैस की सप्लाई बाधित हो गई। हालांकि, इस हमले के पीछे कौन जिम्मेदार है, इस बारे में सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

नए कानून में सख्त सजा और बिना वारंट कार्रवाई
इस विधेयक को कानून मंत्री आजम नज़ीर तरार ने पेश किया है। प्रस्तावित कानून के अनुसार, तेल या गैस चोरी करते हुए पकड़े जाने पर 14 साल तक की जेल और 3 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, तस्करी या अवैध भंडारण करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा, आरोपियों को पकड़ने के लिए किसी वारंट की जरूरत नहीं होगी और अधिकारी सीधे कार्रवाई कर सकेंगे। यही नियम पाकिस्तान में आतंक के आरोपितों पर भी लागू होता है, जहां बिना वारंट गिरफ्तारी और कड़ी सजा का प्रावधान पहले से मौजूद है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।