SSB कैंप में AI से बनाया धमाके का वीडियो, महराजगंज में युवक ने इंस्टाग्राम पर किया पोस्ट, पुलिस ने युवक को किया गिरफ्तार
महराजगंज में AI की मदद से SSB कैंप में धमाके का काल्पनिक वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने के आरोप में फैयाज अहमद को गिरफ्तार किया गया है। मामला परसा मलिक थाना क्षेत्र के सेवतरी स्थित सशस्त्र सीमा बल की 22वीं वाहिनी के कैंप से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, वीडियो में कैंप को विस्फोट से उड़ाते हुए दिखाया गया था। जानकारी मिलने के बाद डिजिटल सर्विलांस के जरिए आरोपी की पहचान की गई और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी के इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो भी डिलीट करा दिया।
महराजगंज में सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने के मामले में पुलिस ने फैयाज अहमद नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से एक ऐसा काल्पनिक वीडियो तैयार किया, जिसमें भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सशस्त्र सीमा बल (SSB) के कैंप को विस्फोट से उड़ाते हुए दिखाया गया। युवक ने इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था। पुलिस के मुताबिक, मामले की जानकारी मिलने के बाद डिजिटल सर्विलांस की मदद से आरोपी की पहचान की गई और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया।
AI से तैयार किया SSB कैंप में धमाके का वीडियो
पुलिस के मुताबिक, आरोपी फैयाज अहमद ने AI तकनीक का इस्तेमाल कर SSB कैंप में विस्फोट दिखाने वाला वीडियो बनाया था। वीडियो में कैंप को धमाके से उड़ते हुए दिखाया गया। इसके बाद उसने इसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर कर दिया। आरोप है कि युवक सोशल मीडिया पर लाइक, व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाना चाहता था। इसी मकसद से उसने यह काल्पनिक वीडियो तैयार किया। हालांकि, वीडियो में दिखाई गई घटना वास्तविक थी या नहीं, इसे लेकर भ्रम पैदा होने और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गलत संदेश फैलने की आशंका थी।
डिजिटल सर्विलांस से हुई आरोपी की पहचान
यह मामला महराजगंज के परसा मलिक थाना क्षेत्र के सेवतरी स्थित SSB की 22वीं वाहिनी के कैंप से जुड़ा है। वीडियो की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। पुलिस ने डिजिटल सर्विलांस के जरिए सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने वाले युवक की पहचान की। जांच के बाद पुलिस ने फैयाज अहमद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के इंस्टाग्राम अकाउंट से संबंधित वीडियो भी डिलीट करा दिया। मामले में उसके खिलाफ केस दर्ज करने के बाद उसे न्यायालय भेज दिया गया।
सुरक्षा बलों से जुड़े भ्रामक वीडियो पर पुलिस की चेतावनी
इस मामले के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स को आगाह किया है कि सुरक्षा बलों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों से जुड़ी भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री तैयार करना और उसे प्रसारित करना कानूनी कार्रवाई की वजह बन सकता है। AI की मदद से तैयार किए गए वीडियो और तस्वीरें कई बार वास्तविक घटनाओं जैसी दिखाई दे सकती हैं। ऐसे में बिना किसी तथ्यात्मक आधार के संवेदनशील स्थानों पर हमले या विस्फोट दिखाने वाली सामग्री लोगों के बीच भ्रम पैदा कर सकती है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले सामग्री की प्रकृति और उसके संभावित प्रभाव को ध्यान में रखने की अपील की है।
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