CM योगी ने शिक्षकों को दी बड़ी जिम्मेदारी, नई पीढ़ी को जाति-क्षेत्र के बंटवारे से बचाने पर जोर, कहा- एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए मिलकर काम करें

लखनऊ में शिक्षक गरिमा कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत की एकता और सामाजिक समरसता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गुलामी के समय भी समाज को बांटने वाले तत्व सक्रिय थे और आज भी जाति व क्षेत्र के नाम पर समाज को विभाजित करने की कोशिशें हो रही हैं। योगी ने कहा कि देश को बिखरा हुआ भारत नहीं, बल्कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत चाहिए। उन्होंने राष्ट्र की एकता के सामने चुनौती के समय शिक्षकों की जिम्मेदारी को अहम बताया और कार्यक्रम में 10 स्कूलों के बच्चों को सम्मानित किया।

Oct 4, 2026 - 17:26
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CM योगी ने शिक्षकों को दी बड़ी जिम्मेदारी, नई पीढ़ी को जाति-क्षेत्र के बंटवारे से बचाने पर जोर, कहा- एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए मिलकर काम करें

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश की एकता और सामाजिक समरसता को लेकर बड़ा बयान दिया है। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत को बिखरा हुआ या जातीय खेमों में बंटा हुआ देश नहीं, बल्कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत के रूप में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को जाति और क्षेत्र के नाम पर बांटने वाली ताकतें आज भी सक्रिय हैं और जब देश की एकता के सामने चुनौती हो, तब समाज के हर जिम्मेदार वर्ग की भूमिका बढ़ जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को लखनऊ में अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से आयोजित प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम आशियाना स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया। इस दौरान गायत्री परिवार के युवा प्रमुख चिन्मय पंड्या ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 10 स्कूलों के बच्चों को भी सम्मानित किया।

योगी ने पूछा- हम कैसा भारत चाहते हैं?
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने देश की मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए लोगों से सवाल किया कि भारत को किस दिशा में ले जाना है। उन्होंने कहा कि क्या ऐसा भारत चाहिए जो बिखरा हुआ हो, अलग-अलग हिस्सों में बंटा हुआ हो और जहां जातीय खेमों के लोग आपस में लड़ते रहें? योगी ने कहा कि अगर भारत को इसी तरह बंटा हुआ देखने की कल्पना की जाती है तो यह उन पूर्वजों के प्रति सच्ची श्रद्धा नहीं होगी, जिन्होंने देश के लिए संघर्ष किया। उनके मुताबिक देश की मजबूती उसकी एकता में है और समाज को अलग-अलग खेमों में बांटने की कोशिशों से देश कमजोर होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के सामने लक्ष्य एक भारत, श्रेष्ठ भारत का होना चाहिए। इसके लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता उसकी ताकत है, लेकिन इस विविधता को विभाजन का आधार नहीं बनने दिया जाना चाहिए। योगी ने शिक्षकों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को किताबों का ज्ञान देने का काम नहीं करते, बल्कि समाज की नई पीढ़ी के विचार और दृष्टिकोण को भी आकार देते हैं। ऐसे में देश और समाज के सामने जब किसी तरह की चुनौती हो तो शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

'गुलामी के समय भी समाज को बांटने वाले तत्व सक्रिय थे'
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में गुलामी के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी एक तबका ऐसा था जो समाज को बांटने का काम कर रहा था। उन्होंने दावा किया कि आज भी ऐसे तत्व सक्रिय हैं, जो जाति और क्षेत्र के नाम पर समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज को इस तरह बांटने की कोशिश देश की एकता को कमजोर करती है। योगी के मुताबिक ऐसे समय में लोगों को यह समझने की जरूरत है कि सामाजिक विभाजन का असर सिर्फ किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव पूरे देश पर पड़ता है। मुख्यमंत्री ने समाज को बांटने वाली कोशिशों को राष्ट्रमाता और भारत माता के प्रति अपराध बताया। उन्होंने कहा कि यह उन पूर्वजों के प्रति भी अपराध है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता और उसकी एकता के लिए अपना योगदान दिया। योगी ने कहा कि भारत की स्वाधीनता को दोबारा खतरे में डालने वाली किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देना चाहिए। उनके मुताबिक जब राष्ट्र के सामने इस तरह का संकट दिखाई दे तो समाज के जिम्मेदार लोगों को अपनी भूमिका और अधिक सक्रियता से निभानी चाहिए।

शिक्षकों की जिम्मेदारी पर दिया जोर
योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से कहा कि जब देश की एकता और सामाजिक समरसता के सामने चुनौती हो तो शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के भीतर देश के प्रति जिम्मेदारी, सामाजिक सद्भाव और एकता की भावना विकसित करना जरूरी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक शिक्षक समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं। स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे आने वाले समय में समाज और देश की दिशा तय करेंगे। ऐसे में शिक्षा के साथ उनके भीतर जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति संवेदनशीलता की भावना विकसित करना भी जरूरी है।

10 स्कूलों के बच्चों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 स्कूलों के बच्चों को सम्मानित किया। शिक्षक गरिमा कार्यशाला में शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार से जुड़े पदाधिकारी और शिक्षक भी मौजूद रहे। गायत्री परिवार के युवा प्रमुख चिन्मय पंड्या ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content