कानपुर के स्कूल में सियासी संग्राम, पुलिस पहरे में पढ़ाई; 7 बच्चों तक सिमटी उपस्थिति
कानपुर में एक प्राथमिक विद्यालय की आधारशिला को लेकर सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी और भाजपा नेताओं के बीच चल रहे राजनीतिक विवाद से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। तनाव के मद्देनजर विद्यालय में पुलिस तैनात की गई है।
कानपुर के परमट स्थित एक प्राथमिक विद्यालय का शिलान्यास अब राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने लगा है। स्कूल परिसर में पुलिस बल तैनात होने और लगातार विवाद की स्थिति बनने के कारण अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। हालत यह है कि पिछले चार दिनों में स्कूल में बच्चों की संख्या काफी कम हो गई है। बीते दिन विद्यालय में केवल 6 से 7 बच्चे ही पढ़ने पहुंचे। जिस स्कूल को शिक्षा और विकास का केंद्र बनना था, वह अब राजनीतिक खींचतान का अखाड़ा बन चुका है।
जर्जर स्कूल को लेकर शुरू हुआ विवाद
परमट प्राइमरी स्कूल करीब दो वर्षों से जर्जर हालत में था। स्कूल में अब केवल तीन कमरे बचे हैं, जिनमें एक कमरा प्रधानाचार्य के लिए और दो कमरे बच्चों की कक्षाओं के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। स्कूल की खराब स्थिति को देखते हुए समाजवादी पार्टी के विधायक Amitabh Bajpai और कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने अपने-अपने स्तर पर स्कूल के विकास की कोशिश की। लेकिन बाद में दोनों राजनीतिक दलों के बीच विवाद शुरू हो गया और स्कूल निर्माण का मामला अटक गया।
पुलिस तैनाती से बच्चों में डर
विद्यालय के प्रधानाचार्य नवीन ने बताया कि स्कूल में पुलिस की मौजूदगी और किसी भी समय प्रदर्शन या विवाद होने की आशंका के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। वहीं चाइल्ड प्रोटेक्शन नियमों के अनुसार स्कूल परिसर में इस तरह की पुलिस तैनाती बच्चों के मन में डर पैदा कर सकती है। बेसिक शिक्षा अधिकारी सुजीत कुमार ने कहा कि स्कूल में पढ़ाई का माहौल बनाए रखने और किसी बड़ी घटना से बचने के लिए पुलिस तैनात की गई है।
विधायक ने घर पर की शिलान्यास ईंटों की पूजा
विवाद के चलते निर्धारित तारीख पर अमिताभ बाजपेई को स्कूल में शिलान्यास करने नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने अपने घर पर हवन-पूजन कर शिलान्यास की ईंटों की पूजा की। उन्होंने कहा कि वे संविधान की कसम खाते हैं कि स्कूल का निर्माण वहीं कराया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जब तक स्कूल का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक वे शरीर के ऊपरी हिस्से पर कपड़ा नहीं पहनेंगे और पैरों में चप्पल भी नहीं पहनेंगे।
निधि से जुड़े निर्माण कार्य भी बने विवाद का कारण
जानकारी के अनुसार स्कूल निर्माण का कुछ हिस्सा विधायक निधि से तैयार किया जा रहा है, जबकि स्मार्ट क्लास सांसद निधि से बनाई गई है। सांसद रमेश अवस्थी के प्रस्ताव के अनुसार उन्हें स्मार्ट क्लास और बाउंड्री वॉल निर्माण की अनुमति मिली है। फिलहाल समाजवादी पार्टी और भाजपा नेताओं के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्कूल परिसर में किसी भी राजनीतिक गतिविधि पर रोक लगा दी है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
