गोरखपुर में भैंस का दूध बना जहर... एक साथ 30 लोगों को लगा एंटी-रैबीज का इंजेक्शन, गांव में फैला सन्नाटा
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पागल कुत्ते से काटी गई भैंस का दूध पीने वाले करीब 30 लोगों ने एंटी रैबीज टीका लगवाया। भैंस की मौत के बाद मामला सामने आया। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और कच्चा दूध न पीने की सलाह दी है।
Gorakhpur News: गोरखपुर जिले के उरुवा क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक भैंस के पागल कुत्ते से काटे जाने के बाद उसका दूध पीने वाले करीब 30 लोगों ने एंटी रैबीज टीका लगवाया है। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया है। लोग अब अपनी सेहत को लेकर बेहद चिंतित हैं।
दो महीने पहले हुआ था कुत्ते का हमला
यह मामला बेसहनी गांव का है, जहां अभय नाथ की भैंस को लगभग दो महीने पहले एक पागल कुत्ते ने काट लिया था। उस समय किसी को इस घटना की जानकारी नहीं थी, इसलिए भैंस का दूध लगातार उपयोग किया जाता रहा। बाद में भैंस के व्यवहार में बदलाव आने लगा और उसने खाना-पीना छोड़ दिया।
जांच में सामने आया रैबीज संक्रमण
जब भैंस की हालत बिगड़ी तो उसे पशु चिकित्सक को दिखाया गया। जांच में पता चला कि उसे रैबीज संक्रमण हो गया है और उसकी हालत गंभीर है। 17 अप्रैल को भैंस की मौत हो गई। इसके बाद यह बात सामने आई कि पिछले दो महीनों से उसका दूध लोगों को बेचा जा रहा था, जिससे गांव में हड़कंप मच गया।
30 लोगों ने लगवाया एंटी रैबीज टीका
भैंस का दूध पीने वाले लोगों में डर फैल गया। अभय नाथ के परिवार के 15 लोग और दूध निकालने वाले संत यादव के परिवार के 15 लोग यानी कुल 30 लोगों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा जाकर एंटी रैबीज टीका लगवाया।
स्वास्थ्य विभाग ने दी सतर्कता की सलाह
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर जेपी तिवारी ने लोगों को जागरूक किया और बताया कि संक्रमित जानवर के कच्चे दूध से खतरा हो सकता है, लेकिन उबला हुआ दूध या चाय सुरक्षित है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और टीकाकरण जरूर करवाएं।
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