तोते ने ली खूनी गवाही… बादशाह को बताया हर कातिल का नाम, जानिए तोता-मैना मजार का वो अनसुना राज

Barabanki News: बाराबंकी का तोता-मैना पुल प्रेम और वफादारी की अनोखी कहानी के लिए प्रसिद्ध है। मुगल काल से जुड़ी इस कथा में तोते और मैना की कहानी आज भी लोगों को आकर्षित करती है। यहां हर साल मेला लगता है और श्रद्धालु मजार पर आकर मन्नत मांगते हैं।

Apr 23, 2026 - 13:35
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तोते ने ली खूनी गवाही… बादशाह को बताया हर कातिल का नाम, जानिए तोता-मैना मजार का वो अनसुना राज

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्थित तोता-मैना पुल और उनकी मजार आज भी प्रेम, वफादारी और त्याग की अनोखी कहानी को जीवित रखे हुए हैं। अयोध्या से जुड़े इस ऐतिहासिक क्षेत्र में कई धार्मिक और रहस्यमयी स्थल हैं, लेकिन सतरिख थाना क्षेत्र के सेराय अकबराबाद गांव का यह स्थान अपनी अलग पहचान रखता है। यहां आने वाले लोग सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि एक भावुक कहानी से भी जुड़ जाते हैं, जो पीढ़ियों से सुनाई जा रही है।

मुगल काल की घटना से जुड़ी है यह कहानी
लोक कथाओं के अनुसार, यह पुल मुगल काल में बनवाया गया था। बताया जाता है कि एक मुगल बादशाह के वजीर का काफिला इसी रास्ते से गुजर रहा था, तभी बदमाशों ने हमला कर दिया। लूटपाट के दौरान वजीर की हत्या कर दी गई। वजीर के साथ पिंजरे में एक तोता और मैना भी थे, जो इंसानों की तरह बोल सकते थे।

तोते की मौत और मैना की चतुराई ने बदली कहानी
हमले के दौरान तोते ने बदमाशों को चेतावनी दी कि वह उनकी पहचान बता देगा। इससे गुस्साए हमलावरों ने तोते को मार डाला। वहीं मैना ने अपनी जान बचाने के लिए खुद को मृत होने का नाटक किया। बदमाशों के जाने के बाद वह उनके पीछे-पीछे गई और आखिरकार दिल्ली पहुंचकर बादशाह को पूरी घटना बताई। मैना की गवाही के आधार पर सभी अपराधियों को पकड़ लिया गया और उन्हें सजा दी गई।

मजार और पुल बना यादगार, आज भी कायम है आस्था
इसके बाद बादशाह ने उस स्थान पर वजीर और तोते को दफनाने का आदेश दिया। मैना ने भी अपने साथी के साथ दफन होने की इच्छा जताई, जिसे स्वीकार कर लिया गया। उनकी याद में वहां मजार बनवाई गई और पास बहने वाले नाले पर एक मजबूत पुल बनाया गया, जिसे आज तोता-मैना पुल के नाम से जाना जाता है।

हर साल लगता है मेला, दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु
यह स्थल आज भी लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। हर साल यहां मेला लगता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु आते हैं। लोग मजार पर चादर चढ़ाते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। यह कहानी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है और तोता-मैना पुल को प्रेम और वफादारी की मिसाल बनाती है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।