हमले के 7 दिन बाद होश में आए Ex-Muslim यूट्यूबर सलीम वास्तिक, गले पर गहरे जख्म… क्या बोल पाएंगे दोबारा
गाजियाबाद में हुए जानलेवा चाकू हमले के बाद यूट्यूबर सलीम वास्तिक को 7 दिन बाद होश आ गया है। दिल्ली के मैक्स अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है और डॉक्टरों ने हालत में सुधार के संकेत दिए हैं।
Uttar Pradesh News: खुद को एक्स मुस्लिम बताने वाले सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और यूट्यूबर सलीम वास्तिक, जिनका असली नाम सलीम अहमद है, उनके स्वास्थ्य को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। 27 फरवरी को हुए जानलेवा हमले के बाद पिछले सात दिनों से वह जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे थे। दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। बताया जा रहा है कि लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद अब सलीम को होश आ गया है, जिसे डॉक्टरों ने सकारात्मक संकेत बताया है।
अस्पताल से सामने आया वीडियो
मैक्स हॉस्पिटल प्रशासन ने सलीम के बेटे उस्मान को एक छोटा वीडियो भी भेजा है। करीब 5 सेकंड के इस वीडियो में सलीम अस्पताल के बेड पर लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्हें ऑक्सीजन लगी हुई है और उनके गले पर गहरे जख्म और टांके साफ नजर आ रहे हैं। वीडियो में डॉक्टर उनसे बातचीत करने की कोशिश करते हुए दिखाई देते हैं। हालांकि डॉक्टरों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि सलीम पहले की तरह दोबारा बोल पाएंगे या नहीं।
डॉक्टरों ने बताया सुधार का संकेत
डॉक्टरों का कहना है कि दवाइयों का असर शरीर पर दिख रहा है और सलीम की हालत पहले से बेहतर है। फिर भी उनकी स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। खासकर लिवर में आई गंभीर चोट को ठीक होने में लंबा समय लगने की संभावना जताई जा रही है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सलीम की सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली और गाजियाबाद पुलिस सतर्क है। उनकी पत्नी को एक अज्ञात और सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। मैक्स हॉस्पिटल के बाहर क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) की वैन तैनात की गई है। सलीम के बेटे उस्मान को भी आपातकालीन नंबर दिए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस से संपर्क किया जा सके। इसी बीच हिंदू रक्षा दल के पिंकी चौधरी अस्पताल पहुंचे और सलीम से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 4 से 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद जुटाई जा चुकी है। हालांकि डॉक्टरों के अनुसार सलीम के इलाज का कुल खर्च लगभग 50 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
एनकाउंटर पर उठे सवाल
इस मामले में हमला करने वाले अमरोहा के दो भाई जीशान और गुलफाम पुलिस एनकाउंटर में मारे गए थे। इस एनकाउंटर को लेकर उनके पिता बुनियाद अली ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को फर्जी एनकाउंटर बताते हुए कहा कि अगर उनके बेटे दोषी थे तो उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि वह गरीब हैं और सुप्रीम कोर्ट जाने की हिम्मत नहीं रखते, लेकिन मेहनत करके अपने पोतों का पेट जरूर पालेंगे।
क्या था पूरा मामला
27 फरवरी की सुबह गाजियाबाद के लोनी इलाके में स्थित सलीम के ऑफिस में हेलमेट पहने दो हमलावर पहुंचे थे। उन्होंने सलीम पर लगातार चाकुओं से हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। फिलहाल पुलिस इस हमले के पीछे असली साजिशकर्ता यानी मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी हुई है।
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