गाजीपुर के दीपक राजभर हत्याकांड में बड़ी कामयाबी… 50 हजार का इनामी गिरफ्तार, लखनऊ STF ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दबोचा
Uttar Pradesh News: गाजीपुर के चर्चित दीपक राजभर हत्याकांड में 50 हजार के इनामी आरोपी संदेश चौधरी को STF और पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार था। पूछताछ में उसने जुर्म कबूल किया है। इस गिरफ्तारी से मामले की जांच को नई दिशा मिली है।
Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के चर्चित दीपक राजभर हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी संदेश चौधरी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को लखनऊ एसटीएफ और गाजीपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी और पुलिस पर लगातार आरोपी को पकड़ने का दबाव था। अब इस गिरफ्तारी के बाद मामले में नई कड़ी जुड़ गई है।
कैसे हुई दीपक राजभर की हत्या
जानकारी के अनुसार, 11 जनवरी को कासिमाबाद थाना क्षेत्र के बेलसडी गांव निवासी दीपक राजभर की नकाबपोश बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में डर और गुस्से का माहौल बन गया था। पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू की, जिसमें संदेश चौधरी का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया।
50 हजार का इनामी था आरोपी
घटना के बाद से संदेश चौधरी लगातार फरार चल रहा था और पुलिस को चकमा दे रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। कई जगह दबिश दी गई, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था।
STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, लखनऊ एसटीएफ को आरोपी की लोकेशन की सूचना मिली। इसके बाद STF और गाजीपुर पुलिस ने मिलकर घेराबंदी की। कासिमाबाद थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर दबिश दी गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई में STF प्रभारी उप निरीक्षक वीरेंद्र सिंह यादव और सर्विलांस प्रभारी उप निरीक्षक सुमित बालियान की अहम भूमिका रही।
आरोपी ने कबूला जुर्म
पूछताछ में संदेश चौधरी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दीपक राजभर की हत्या की थी। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ गाजीपुर के अलग-अलग थानों में कुल 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस केस में उसके कई साथी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
शुरुआत में अलग दिशा में गया था शक
यह मामला उस समय और ज्यादा चर्चा में आया था, जब शुरुआती जांच में शक एक ऐसे परिवार पर गया था, जिसकी बेटी के साथ दीपक कुछ समय तक फरार रहा था। हालांकि बाद में जांच में मामला अलग निकला और असली आरोपी सामने आए।
मंत्री भी पहुंचे थे पीड़ित परिवार से मिलने
इस मामले में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस को निष्पक्ष जांच करने और असली आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिए थे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
