दुबई में दबोचा गया 1000 करोड़ का मास्टरमाइंड… शाइन सिटी प्रमोटर राशिद नसीम गिरफ्तार, यूपी में 554 FIR से मचा हड़कंप
शाइन सिटी घोटाले के मुख्य आरोपी राशिद नसीम को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर 800-1000 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। ईडी अब तक 266 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त कर चुकी है। जल्द ही उसे भारत लाकर पूछताछ की जाएगी।
शाइन सिटी ग्रुप के प्रमोटर और हजारों निवेशकों से कथित तौर पर 800 से 1000 करोड़ रुपये की ठगी के मुख्य आरोपी राशिद नसीम को दुबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। करीब 10 महीने पहले लखनऊ की विशेष अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम उसे भारत लाकर लखनऊ में पेश करेगी। दुबई पुलिस ने यह कार्रवाई ईडी और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के अनुरोध पर की है। लंबे समय से उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही थी। संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय एजेंसियों के समन्वय से यह गिरफ्तारी संभव हो सकी है।
554 FIR और हजार करोड़ की ठगी का आरोप
राशिद नसीम और उसकी कंपनियों के खिलाफ अब तक 554 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। आरोप है कि कंपनी ने रियल एस्टेट निवेश, प्लॉट, फ्लैट और घर देने के नाम पर लोगों से पैसा जुटाया। ऊंचे रिटर्न का लालच दिया गया, लेकिन बाद में यह पॉन्जी और पिरामिड स्कीम साबित हुई। नए निवेशकों का पैसा पुराने निवेशकों को देने में लगाया जाता था। कई मामलों में फर्जी प्लॉट दस्तावेज भी सामने आए। 2019 में राशिद देश छोड़कर दुबई भाग गया था।
संपत्तियां जब्त, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच
सरकारी एजेंसियों ने राशिद और उससे जुड़ी कंपनियों की सैकड़ों करोड़ की संपत्तियां जब्त की हैं। 2021 में जारी एक ऑडियो में राशिद ने दावा किया था कि करीब 500 करोड़ की संपत्ति सरकार कब्जे में ले चुकी है, जिसकी मौजूदा कीमत लगभग 1000 करोड़ बताई गई। ईडी ने जनवरी 2021 में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी और अब तक 266.70 करोड़ की संपत्तियां जब्त की हैं। इनमें मोहनलालगंज की 24 कृषि भूमि, बाराबंकी के भूखंड, रेवाड़ी का स्प्रिंगडेल प्रोजेक्ट और पटना की संपत्तियां शामिल हैं। जांच में 34 से अधिक फर्जी कंपनियां बनाए जाने का खुलासा हुआ है। रेरा जांच में 58 प्लॉट के बदले 3000 बुकिंग दिखाने की बात सामने आई।
भाई पहले ही गिरफ्तार, पकड़े गए 62 आरोपी
राशिद और उसके भाई आसिफ पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आसिफ को प्रयागराज से पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक कुल 62 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें कंपनी के कई बड़े पदाधिकारी शामिल हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि राशिद दुबई से पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। 2018 में नेपाल में गिरफ्तारी और जमानत के बाद वह दुबई चला गया था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद बड़े वित्तीय नेटवर्क और विदेशों में भेजी गई रकम की जांच तेज हो गई है।
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