मथुरा में अनोखी परंपरा: युवक ने होलिका दहन की आग के बीच से गुजरकर निभाई आस्था
मथुरा के फालेन गांव में एक व्यक्ति ने एक महीने की धार्मिक प्रतिज्ञा पूरी करने के बाद होलिका दहन की आग से सुरक्षित रूप से गुजर कर अपनी जान बचाई। होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।
उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। यहां एक युवक प्रहलाद बनकर होलिका दहन की जलती आग में कूद गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि युवक पूरी तरह सुरक्षित है। वीडियो में उसे होलिका की आग के बीच से आराम से गुजरते हुए देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि यह कोई लापरवाही नहीं, बल्कि एक पुरानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है, जिसे हर साल निभाया जाता है।
फालेन गांव में निभाई गई परंपरा
होलिका दहन की आग के बीच से गुजरने वाले युवक का नाम संजू पांडा है। यह परंपरा मथुरा के फालेन गांव में निभाई गई। संजू पांडा ने बताया कि इस अनोखी परंपरा की तैयारी बसंत पंचमी से शुरू हो जाती है और होलिका दहन तक चलती है। इस दौरान व्यक्ति को सवा महीने का प्रण लेना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस समय घर और परिवार से मोह त्यागना होता है और भोजन भी नहीं किया जाता।
सवा महीने का कठिन व्रत
संजू पांडा के अनुसार, इस परंपरा को निभाने के लिए ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य होता है। सवा महीने तक व्यक्ति गांव की सीमा से बाहर नहीं जाता और अन्न का सेवन भी नहीं करता। बसंत पंचमी से होलिका दहन तक यह नियम सख्ती से मानने पड़ते हैं। इसके बाद ही वह होलिका की आग के बीच से गुजरता है। ग्रामीणों के अनुसार, यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और लोग इसे आस्था के साथ निभाते हैं।
मथुरा-वृंदावन की होली का खास महत्व
वृंदावन और मथुरा की होली दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यहां रंग होली, फूलों की होली और लठमार होली जैसे कई कार्यक्रम होते हैं। देश-विदेश से लोग इन आयोजनों में शामिल होने आते हैं। यहां होली कई दिनों तक मनाई जाती है और लोग भगवान कृष्ण और राधा की भक्ति में डूबकर त्योहार का आनंद लेते हैं। इस साल होली 4 मार्च को मनाई जा रही है। हालांकि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण होने के कारण होलिका दहन 2 मार्च को ही कर दिया गया था। अब लोग रंगों वाली होली का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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