लखनऊ पुलिस ने आश्रम में मनाई ऐसी होली, बुजुर्गों की आंखों में आ गए आंसू
लखनऊ के हजरतगंज स्थित मदर टेरेसा फाउंडेशन आश्रम में पुलिस ने होली मनाकर बुजुर्गों और अनाथ बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाई। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह और उनकी टीम ने रंग, कपड़े और मिठाइयां बांटकर मानवता की मिसाल पेश की।
Uttar Pradesh News: जिसका कोई नहीं, उसका खाकी वर्दी है यह कहावत लखनऊ में सच साबित हुई। होली के मौके पर लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र स्थित मदर टेरेसा फाउंडेशन के आश्रम में एक भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ जब आश्रम पहुंचे तो वहां मौजूद वृद्धजनों और मानसिक रूप से विक्षिप्त अनाथों के चेहरों पर पहली बार रंगों की चमक दिखाई दी। बताया जाता है कि ये वे लोग हैं, जिन्हें समाज ने ठुकरा दिया था। उनके लिए त्यौहार सिर्फ एक और उदास दिन बनकर रह जाता था। लेकिन इस बार होली उनके जीवन का पहला रंगीन पल बन गई।
रंग, कपड़े और मिठास से भरा स्नेह
पुलिसकर्मियों ने आश्रम पहुंचकर सभी को रंग लगाए। नए कपड़े पहनाए गए, फलों की टोकरियां दी गईं और गुजिया खिलाई गई। वर्षों से अपनों के स्पर्श को तरस रहे बुजुर्गों की आंखें नम हो गईं। एक बुजुर्ग ने कांपते हाथों से पुलिसकर्मी का हाथ थामकर कहा, साहब, आज पहली बार लगा कि कोई हमारा अपना है। यह पल वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर गया।
पुलिस बनी परिवार, गूंज उठी हंसी
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने आश्रम में बैठकर सभी से कहा कि रंग तो धुल जाएंगे, लेकिन आज का प्यार हमेशा रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे अकेले नहीं हैं, पुलिस उनका परिवार है। टीम ने गीत गाए, नृत्य किया और सभी के साथ भोजन किया। सबसे खास पल तब आया जब एक मानसिक रूप से परेशान बच्चे ने पहली बार खुलकर हंसी हंसी। यह दृश्य मानवता की मिसाल बन गया।
वर्दी के पीछे धड़कता है कोमल दिल
यह घटना बताती है कि समाज में कितने लोग उपेक्षित और अकेले हैं। लखनऊ पुलिस ने साबित किया कि वर्दी के नीचे भी संवेदनशील दिल धड़कते हैं। अगर हर आश्रम में ऐसे ही त्योहार मनाए जाएं, तो कई जिंदगियों में खुशियां लौट सकती हैं। यह कहानी आंसू और मुस्कान का संगम है, जो हर संवेदनशील व्यक्ति के दिल को छू लेगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
