कालाष्टमी की रात सच में बढ़ती हैं तांत्रिक शक्तियां? जानिए क्या कहता है शास्त्र और इसका असली रहस्य

Kalashtami 2026: कालाष्टमी 9 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान काल भैरव को समर्पित है। इस रात को रहस्यमयी और शक्तिशाली माना जाता है। मान्यता है कि इस समय साधना और पूजा का विशेष महत्व होता है, जिससे नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

Apr 7, 2026 - 09:53
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कालाष्टमी की रात सच में बढ़ती हैं तांत्रिक शक्तियां? जानिए क्या कहता है शास्त्र और इसका असली रहस्य

Kalashtami 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी का पर्व मनाया जाता है। साल 2026 में वैशाख माह की कालाष्टमी 9 अप्रैल को पड़ रही है। यह दिन भगवान काल भैरव को समर्पित होता है, जिन्हें भगवान शिव का उग्र और रक्षक रूप माना जाता है। इस दिन खासतौर पर रात का समय बेहद खास और रहस्यमयी माना जाता है। लोगों के मन में अक्सर सवाल उठता है कि क्या इस रात सच में तांत्रिक शक्तियां बढ़ जाती हैं या यह केवल आस्था से जुड़ी मान्यता है।

कौन हैं काल भैरव और क्यों होती है उनकी पूजा
शास्त्रों के अनुसार काल भैरव को काशी का कोतवाल और तंत्र-मंत्र का अधिपति देव माना गया है। उनकी उत्पत्ति भगवान शिव से हुई थी, ताकि वे असुरों का नाश कर सकें और धर्म की रक्षा कर सकें। काल भैरव को समय और मृत्यु पर नियंत्रण रखने वाला देवता भी कहा जाता है। यही कारण है कि उनकी पूजा विशेष रूप से रात में की जाती है और इसे अधिक फलदायी माना जाता है।

कालाष्टमी की रात क्यों मानी जाती है खास
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कालाष्टमी की रात भगवान काल भैरव की उपासना का सबसे उत्तम समय होता है। माना जाता है कि इस समय ब्रह्मांड की ऊर्जा अधिक सक्रिय रहती है। इसी वजह से साधक इस रात तंत्र-मंत्र और ध्यान करते हैं। लोगों का विश्वास है कि इस दौरान की गई साधना का असर जल्दी देखने को मिलता है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

तांत्रिक शक्तियों को लेकर क्या है सच
तांत्रिक शक्तियों के बढ़ने की बात पूरी तरह से आस्था और परंपराओं पर आधारित है। तंत्र शास्त्र के अनुसार अमावस्या, कालाष्टमी और चतुर्दशी जैसी तिथियों पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की ऊर्जाएं सक्रिय रहती हैं। इसलिए इस समय साधना करने वालों को जल्दी सफलता मिलने की संभावना अधिक मानी जाती है, लेकिन इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

कालाष्टमी पर क्या करना माना जाता है शुभ
इस दिन भगवान काल भैरव की पूजा करना, दीपदान करना और सरसों के तेल का दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। साथ ही “ॐ काल भैरवाय नमः” मंत्र का जाप करने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। मान्यता है कि इससे भय दूर होता है और जीवन में सुख-शांति आती है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।