बेटी को भाई दिलाने के लिए पिता ने खरीदा नवजात… गिरफ्तारी के बाद हुई मौत, जानें क्या है पूरा मामला
इटावा में बच्चा चोरी मामले में जेल भेजे गए पिता की संदिग्ध मौत हो गई। बेटी की जिद पूरी करने के लिए उसने दलालों से मासूम बच्चा खरीदा था, जिसे पुलिस ने बरामद कर मां को सौंप दिया था।
Uttar Pradesh News: इटावा में बच्चा चोरी से जुड़े एक मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अपनी बेटी की जिद पूरी करने के लिए एक पिता ने दलालों के जरिए एक मासूम बच्चे को खरीद लिया था, जो ट्रेन से चुराया गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब खबर है कि जेल में बंद उसी पिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान 42 वर्षीय अशोक कुमार के रूप में हुई है। उसकी मौत के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है।
जेल में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में हुई मौत
अशोक कुमार मूल रूप से गौतमबुद्ध नगर जिले के दादरी के तुलसी गांव का रहने वाला था और इटावा जेल में बंद था। जेल में उसे अचानक सीने में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई। जेल चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार शुरुआती तौर पर मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही अंतिम कारण स्पष्ट होगा।
ट्रेन में नशीला पदार्थ खिलाकर चुराया गया था बच्चा
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह मामला दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर चलने वाली ट्रेन से जुड़े बच्चा चोरी कांड का हिस्सा है। अलीगढ़ निवासी मुन्नी अंसारी अपने 10 माह के बेटे इब्राहिम के साथ झारखंड के कोडरमा जा रही थी। यात्रा के दौरान एक युवक ने उसे नशीला पदार्थ मिला लड्डू खिला दिया। महिला के बेहोश होते ही आरोपी मासूम को लेकर फरार हो गया। होश आने पर बच्चे के गायब होने से ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई और सूचना पुलिस को दी गई।
साढ़े तीन लाख में बेचा गया बच्चा, बेटी की जिद बनी वजह
जांच में खुलासा हुआ कि अपहृत बच्चे को साढ़े तीन लाख रुपये में एक दंपति को बेच दिया गया था। पूछताछ में सामने आया कि दंपति की एक बेटी थी और वह भाई चाहती थी। उसी जिद को पूरा करने के लिए उन्होंने अवैध तरीके से बच्चा खरीद लिया। पुलिस ने बच्चे को बेचने वाले युवक और खरीदने वाले दंपति समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अशोक कुमार पर अपहृत बच्चे को छुपाने का आरोप था।
पुलिस ने मासूम को सकुशल बरामद किया
करीब छह दिन की सघन तलाश के बाद जीआरपी इटावा ने मासूम इब्राहिम को सकुशल बरामद कर उसकी मां को सौंप दिया था। इस बीच अशोक कुमार जेल में बंद था और अब उसकी मौत से मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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