11 हत्याओं का हिसाब… 27 साल पुरानी रंजिश में बागपत में हिस्ट्रीशीटर विवेक मलिक की हत्या

बागपत में शादी समारोह के दौरान हिस्ट्रीशीटर विवेक मलिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 27 साल पुरानी पारिवारिक रंजिश में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है।

Mar 12, 2026 - 10:55
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11 हत्याओं का हिसाब… 27 साल पुरानी रंजिश में बागपत में हिस्ट्रीशीटर विवेक मलिक की हत्या

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के दोघट कस्बे में मंगलवार रात एक शादी समारोह अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। बहावड़ी गांव के हिस्ट्रीशीटर विवेक मलिक उर्फ विक्की (42) की चार गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि 27 साल से चली आ रही खूनी रंजिश का नया अध्याय है। इस दुश्मनी में अब तक दोनों पक्षों के कुल 11 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

शादी समारोह में पार्किंग के पास की गई फायरिंग
यह घटना दोघट कस्बे के धूम सिंह फार्म हाउस की है, जहां एक शादी समारोह चल रहा था। बहावड़ी गांव की पूर्व प्रधान बबली देवी के पति विवेक मलिक उर्फ विक्की अपने साथियों के साथ बारात में शामिल होने आए थे। रात करीब एक बजे जब चढ़त की रस्म चल रही थी, तभी पार्किंग क्षेत्र में कुछ हमलावरों ने विक्की को घेर लिया। हमलावरों ने करीब 15 से 20 राउंड फायरिंग की। इस दौरान विक्की को चार गोलियां लगीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। भाग रहे मुख्य आरोपी यशवीर उर्फ रजत को मौके पर मौजूद लोगों ने पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

27 साल पुरानी रंजिश का खौफनाक सिलसिला
बताया जा रहा है कि यह दुश्मनी करीब 27 साल पुरानी है। बहावड़ी गांव में एक ही परिवार के वेदू और दरियाव सिंह के परिवारों के बीच वर्चस्व को लेकर विवाद शुरू हुआ था। बाद में यह विवाद प्रधान पद के चुनाव की रंजिश में बदल गया। सबसे पहले साल 1999 में दरियाव के बेटे जितेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में विवेक मलिक मुख्य आरोपी था। इसके बाद साल 2000 में वेदू पक्ष के सुरेश मलिक और 2001 में यशपाल की हत्या हुई। इसके बाद कई वर्षों तक लगातार हत्याओं का सिलसिला चलता रहा।

कुछ समय शांत रहा मामला, फिर शुरू हुई हत्याएं
लगातार हो रही हत्याओं के बाद गांव के लोगों ने पहल कर दोनों पक्षों के बीच समझौता करवाया। करीब दस साल तक मामला शांत रहा। लेकिन साल 2011 में फिर से खूनखराबा शुरू हो गया। उसी साल दरियाव के बेटे और प्रधान बिजेंद्र की शादी समारोह से लौटते समय गला रेतकर हत्या कर दी गई। इसके बाद 2014 में बिजेंद्र के भाई देवेंद्र और 2016 में धर्मेंद्र की भी हत्या कर दी गई। वहीं 2015 में कुख्यात बदमाश विक्की त्यागी की हत्या मुजफ्फरनगर कचहरी में विवेक के बेटे सागर ने कर दी थी, क्योंकि वह विरोधी पक्ष की मदद कर रहा था। इस तरह दोनों पक्षों के कुल 11 लोगों की जान जा चुकी है।

जेल से बाहर आने के बाद फिर बना निशाना
बताया जा रहा है कि विवेक मलिक साल 2011 में जेल गया था और 2024 में ही जेल से बाहर आया था। बाहर आने के बाद वह अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहा था और गांव में इसके बैनर भी लगे थे। इसी बीच यशवीर उर्फ रजत, जिसने अपने पिता जितेंद्र और ताऊ को खोया था, बदला लेने की फिराक में था। वह 39 किलोमीटर दूर दोघट पहुंचा और इस वारदात को अंजाम दिया। पकड़े जाने के बाद उसने खुद चिल्लाकर कहा कि उसने अपने पिता, चाचा और ताऊ की हत्या का बदला लिया है। बागपत के पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने बताया कि इस मामले में रजत की मां सुनीता और ताऊ लोकेंद्र समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटनास्थल से एक तमंचा भी बरामद किया गया है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। वे राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में उन्हें 2 वर्ष का अनुभव है। उन्होंने रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव रखते हैं। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से वे यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़े हैं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। उनकी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान वे कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुके हैं।