राज्यसभा चुनाव से पहले सीएम योगी और बीएल संतोष की बैठक, BJP के उम्मीदवारों की लिस्ट पर सस्पेंस, कल नामांकन का आखिरी दिन
उत्तर प्रदेश में 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव से पहले बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, लेकिन बीजेपी ने अभी यूपी के उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। बैठक में राज्यसभा चुनाव के साथ एमएलसी चुनाव और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। वहीं सपा के दो उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर चुके हैं और तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी चर्चा है। 10वीं राज्यसभा सीट के लिए दोनों दलों के बीच संख्या बल और अतिरिक्त विधायकों के समर्थन का गणित अहम माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 10 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक यूपी के अपने उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। इसी बीच सोमवार को बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष लखनऊ पहुंचे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीएम आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच राज्यसभा चुनाव के साथ-साथ विधान परिषद चुनाव और पार्टी की आगामी चुनावी तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक होने के बीच हुई इस बैठक ने बीजेपी के उम्मीदवारों को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है। पार्टी के सामने 10 राज्यसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के चयन के साथ-साथ क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण साधने की चुनौती भी है। ऐसे में बीएल संतोष और योगी आदित्यनाथ की मुलाकात को उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम मंथन से जोड़कर देखा जा रहा है।
बीजेपी की लिस्ट पर अभी तक सस्पेंस
राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने नामांकन पत्र जरूर खरीद लिए हैं, लेकिन यूपी के उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची अभी सामने नहीं आई है। रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी ने कई संभावित नामों पर मंथन किया है और केंद्रीय नेतृत्व अंतिम फैसला लेगा। पार्टी के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि मौजूदा राज्यसभा सदस्यों में से किन चेहरों को दोबारा मौका दिया जाए और किन सीटों पर नए चेहरों को उतारा जाए। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्यसभा के उम्मीदवारों का चयन बीजेपी के लिए सिर्फ संसद की संख्या बढ़ाने का मामला नहीं है, बल्कि संगठन और सामाजिक समीकरणों से भी जुड़ा हुआ है। मीडिया रिपोर्टों में स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी और वरुण गांधी समेत कई नामों की चर्चा संभावित उम्मीदवारों के तौर पर हुई है, लेकिन बीजेपी की ओर से यूपी के लिए अंतिम सूची जारी होने तक इन नामों को आधिकारिक उम्मीदवार नहीं माना जा सकता।
योगी से मुलाकात के बाद सुल्तानपुर रवाना हुए बीएल संतोष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद बीएल संतोष सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए। वहां वह काशी क्षेत्र में होने वाली संघ और बीजेपी की समन्वय बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में बीजेपी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के शामिल होने की जानकारी है। वहीं संघ की ओर से सह सरकार्यवाह अरुण कुमार मौजूद रहेंगे। राज्यसभा और एमएलसी चुनाव के बीच हो रही यह समन्वय बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और बीजेपी संगठन स्तर पर चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ा रही है।
यूपी की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। विधानसभा में मौजूदा संख्याबल के आधार पर बीजेपी सात सीटों पर मजबूत स्थिति में है, जबकि समाजवादी पार्टी दो सीटें जीतने की स्थिति में मानी जा रही है। असली मुकाबला 10वीं सीट को लेकर बनता दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि बीजेपी और सपा दोनों की रणनीति पर निगाहें टिकी हुई हैं। 10 सीटों के लिए अगर उम्मीदवारों की संख्या बढ़ती है तो चुनावी गणित और पहली वरीयता के वोट अहम भूमिका निभाएंगे।
10वीं सीट पर क्यों बढ़ी सियासी हलचल?
राज्यसभा चुनाव में एक सीट जीतने के लिए यूपी में करीब 37 प्रथम वरीयता वाले वोटों की जरूरत होगी। बीजेपी के पास अपने दम पर सात सीटों के लिए पर्याप्त संख्या है, जबकि आठवीं सीट के लिए उसे अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ेगी। दूसरी तरफ सपा के पास दो सीटों के लिए पर्याप्त संख्या है, लेकिन तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए उसे अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। यही गणित 10वीं सीट को सबसे ज्यादा अहम बना रहा है। दोनों दल अतिरिक्त समर्थन जुटाने की कोशिश कर सकते हैं और ऐसे में विधायकों की रणनीति तथा संभावित क्रॉस वोटिंग पर भी नजर रहेगी।
सपा ने दो उम्मीदवार उतारे, तीसरे नाम की भी चर्चा
समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार बनाया है। दोनों ने नामांकन भी दाखिल कर दिया है। सपा की ओर से तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने की चर्चा भी रही है। अगर ऐसा होता है तो राज्यसभा की 10वीं सीट पर मुकाबला और सीधा हो जाएगा। हालांकि तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए सपा को मौजूदा संख्याबल से अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा। पिछले राज्यसभा चुनाव में भी यूपी में अतिरिक्त सीट के लिए इसी तरह का मुकाबला देखने को मिला था। इसलिए इस बार भी दोनों दलों की रणनीति पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।
बीजेपी के सामने उम्मीदवार चयन की चुनौती
बीजेपी के लिए उम्मीदवारों का चयन कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है। पार्टी को एक तरफ राज्यसभा में अपनी संख्या मजबूत करनी है तो दूसरी तरफ 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को भी ध्यान में रखना है। मीडिया रिपोर्टों में बीजेपी के संभावित उम्मीदवारों को लेकर कई नाम सामने आए हैं। इनमें राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में सक्रिय नेताओं के साथ-साथ पूर्व सांसदों और अलग-अलग सामाजिक समूहों से जुड़े चेहरों के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
एमएलसी चुनाव को लेकर भी तैयारियां तेज
राज्यसभा चुनाव के साथ उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए भी चुनाव होने हैं। इन सीटों में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन चुनावों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होगा। बीजेपी ने इन चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची पहले ही जारी कर दी है। पार्टी ने कुछ मौजूदा एमएलसी को दोबारा मौका दिया है, जबकि कुछ सीटों पर नए चेहरों को मैदान में उतारा गया है। राज्यसभा और एमएलसी चुनाव एक ही समय के आसपास होने के कारण बीजेपी का संगठन दोनों चुनावों को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देख रहा है।
2027 से पहले शक्ति परीक्षण की तरह देखे जा रहे चुनाव
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव ऐसे समय हो रहे हैं जब 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसलिए इन चुनावों में उम्मीदवारों का चयन, सहयोगी दलों के साथ तालमेल और विधायकों का समर्थन आने वाले राजनीतिक समीकरणों के संकेत दे सकता है। फिलहाल सबसे ज्यादा नजर बीजेपी की राज्यसभा उम्मीदवार सूची पर है। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर होने के कारण पार्टी के पास उम्मीदवारों के नाम घोषित करने के लिए ज्यादा समय नहीं बचा है। वहीं सपा के दो उम्मीदवार मैदान में उतर चुके हैं और तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। ऐसे में यूपी की 10 राज्यसभा सीटों का चुनाव संख्या बल से आगे बढ़कर रणनीति, उम्मीदवार चयन और विधायकों के समर्थन का मुकाबला बनता जा रहा है। 16 अक्टूबर को होने वाली वोटिंग से पहले अगले कुछ घंटे दोनों प्रमुख दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
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