2 साल तक करता रहा फर्जी नौकरी… बैंक क्लर्क बना युवक, बायोमेट्रिक मशीन ने खोल दी पोल

गाजीपुर में यूको बैंक के कर्मचारी का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है, जिसने बायोमेट्रिक में हेरफेर कर नौकरी पाई थी। जांच में खुलासा होने के बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Mar 30, 2026 - 11:33
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2 साल तक करता रहा फर्जी नौकरी… बैंक क्लर्क बना युवक, बायोमेट्रिक मशीन ने खोल दी पोल

Uttar Pradesh News: गाजीपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां यूको बैंक की मुख्य शाखा में कार्यरत एक कर्मचारी का फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। बताया जा रहा है कि आरोपी कर्मचारी पिछले कुछ वर्षों से फर्जी तरीके से नौकरी कर रहा था। बैंक द्वारा कर्मचारियों की बायोमेट्रिक जांच कराई गई, जिसमें उसकी पोल खुल गई। इस खुलासे के बाद बैंक प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया और मामले को गंभीर मानते हुए कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

आईबीपीएस के जरिए हुई थी भर्ती
जानकारी के अनुसार, यूको बैंक में यह भर्ती प्रक्रिया आईबीपीएस के माध्यम से कराई गई थी। क्लर्क पद के लिए बिहार के नवादा जिले के नारदीगंज निवासी राजेश कुमार ने आवेदन किया था। भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों को अपने शैक्षिक दस्तावेजों के साथ बायोमेट्रिक विवरण भी जमा करना अनिवार्य होता है। आवेदन से लेकर परीक्षा और चयन तक की पूरी प्रक्रिया आईबीपीएस द्वारा ही पूरी कराई जाती है।

नौकरी जॉइन कर रहा था काम
चयन के बाद वर्ष 2023 में राजेश कुमार ने पीलीभीत शाखा में नौकरी जॉइन की थी और नियमित रूप से वेतन ले रहा था। बाद में अक्टूबर 2025 में उसका तबादला गाजीपुर शाखा में कर दिया गया। सब कुछ सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन इसी बीच बैंक को सूचना मिली कि कोविड काल के बाद कुछ भर्तियों में गड़बड़ी हुई है।

बायोमेट्रिक जांच में खुली पोल
सूचना के आधार पर आईबीपीएस ने संदिग्ध कर्मचारियों की दोबारा जांच शुरू की। सभी को बुलाकर उनके बायोमेट्रिक डेटा का मिलान किया गया। इसी दौरान राजेश कुमार के मामले में बड़ा खुलासा हुआ। भर्ती के समय का बायोमेट्रिक डेटा और वर्तमान डेटा मेल नहीं खा रहा था, जिससे शक हुआ कि परीक्षा किसी और ने दी थी।

जवाब न देने पर हुई बर्खास्तगी
मामले को गंभीर मानते हुए बैंक ने आरोपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद 7 फरवरी को उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। बैंक ने इसे धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश मानते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

पुलिस जांच में जुटी
यूको बैंक के शाखा प्रबंधक नवनीत कुमार ने गाजीपुर के सदर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।