300 साल पुरानी परंपरा… शाहजहांपुर में होली पर निकलते हैं लाट साहब, अंग्रेजों के चापलूस नवाब से जुड़ी है हैरान कर देने वाली कहानी

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में होली के दिन अनोखी लाट साहब परंपरा निभाई जाती है, जहां भैंसा गाड़ी पर बैठे शख्स पर जूते-चप्पल फेंके जाते हैं। 300 साल पुरानी यह परंपरा इतिहास, विरोध और प्रतीकात्मक आक्रोश से जुड़ी है और आज भी कड़ी सुरक्षा के बीच निकाली जाती है।

Feb 27, 2026 - 10:21
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300 साल पुरानी परंपरा… शाहजहांपुर में होली पर निकलते हैं लाट साहब, अंग्रेजों के चापलूस नवाब से जुड़ी है हैरान कर देने वाली कहानी

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश का शाहजहांपुर शहर क्रांतिकारियों की विरासत के लिए जाना जाता है। यही वह धरती है जहां राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला ख़ां और ठाकुर रोशन सिंह की यादें आज भी जीवित हैं। लेकिन होली के दिन यही शहर एक अनोखी परंपरा के कारण पूरे देश में चर्चा में आ जाता है। यहां रंग और गुलाल की जगह जूते-चप्पलों से होली खेली जाती है। यह सुनकर भले ही अजीब लगे, लेकिन शाहजहांपुर की विश्व प्रसिद्ध लाट साहब परंपरा करीब 300 साल से चली आ रही है और आज भी उसी जोश के साथ निभाई जाती है।

इतिहास और आक्रोश से जुड़ी परंपरा
होली की सुबह जब देशभर में लोग रंगों में डूबे होते हैं, तब शाहजहांपुर की सड़कों पर हजारों लोग जमा होते हैं। भैंसा गाड़ी पर बैठे लाट साहब पर भीड़ जूते-चप्पल बरसाती है और नारे लगाती है। वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. एनसी मेहरोत्रा की पुस्तक के अनुसार इस परंपरा की शुरुआत 1746 में किले के आखिरी नवाब अब्दुल्ला खान के समय मानी जाती है। कहा जाता है कि होली पर नवाब किले से बाहर निकलते थे और तभी नवाब साहब निकल आए का नारा लगा। 1857 की क्रांति के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ा और 1859 की होली में नवाबों को बेइज्जत कर विरोध जताया गया। यही विरोध आगे चलकर लाट साहब जुलूस बन गया।

हाथी-घोड़े से भैंसा गाड़ी तक का सफर
पहले यह जुलूस हाथी-घोड़ों पर निकलता था, लेकिन आपत्तियों के बाद ऊंची सवारी पर रोक लगा दी गई और भैंसा गाड़ी का इस्तेमाल शुरू हुआ। 1988 में तत्कालीन जिलाधिकारी कपिल देव ने नवाब का नाम बदलकर लाट साहब कर दिया। अंग्रेज गवर्नरों के प्रतीक के रूप में लाट साहब को हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर पहनाया जाता है। लगभग 8 किलोमीटर लंबा जुलूस कड़ी सुरक्षा में निकाला जाता है।

प्रशासन की सख्ती और अलग-अलग जुलूस
जुलूस से पहले चौक कोतवाली में बड़े लाट साहब कोतवाल से सालभर का लेखा-जोखा मांगते हैं। नजराने में नकद राशि और शराब की बोतल दी जाती है। इसके बाद प्रशासन जुलूस को अपने नियंत्रण में ले लेता है। ड्रोन कैमरे, पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की जाती है। बताया जाता है कि यह जुलूस UPSC के ट्रेनिंग मॉड्यूल में केस स्टडी के रूप में शामिल है। शहर के अलग-अलग इलाकों से बड़े और छोटे लाट साहब निकलते हैं। कहीं भैंसा गाड़ी तो कहीं गधे पर सवारी होती है। खुदागंज में यह परंपरा रंग पंचमी तक चलती है। 2018 के बाद नारों में बदलाव आया है, लेकिन जूतों की परंपरा आज भी कायम है। यह परंपरा विरोध का प्रतीक है या परंपरा का उत्सव, इस पर बहस हो सकती है, लेकिन शाहजहांपुर की यह होली दुनिया में बेमिसाल मानी जाती है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।