CM योगी का डर या चुनाव का असर? काबा-मदीना वाली सयानी घोष को याद आईं हनुमान चालीसा, सोशल मीडिया पर छिड़ा धर्मयुद्ध

Sayani Ghosh: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस सांसद सयानी घोष के हनुमान चालीसा और काबा–कलमा वाले बयान पर विवाद बढ़ गया है। बीजेपी समर्थक उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे हैं। उनके पुराने वीडियो और पोस्ट फिर वायरल हो रहे हैं, जिससे राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

May 4, 2026 - 14:27
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CM योगी का डर या चुनाव का असर? काबा-मदीना वाली सयानी घोष को याद आईं हनुमान चालीसा, सोशल मीडिया पर छिड़ा धर्मयुद्ध

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के बीच टीएमसी सांसद सयानी घोष एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारतीय जनता पार्टी के समर्थक उन्हें उनके पुराने बयानों को लेकर घेर रहे हैं। खासकर हनुमान चालीसा और काबा–कलमा वाले बयान अब चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। चुनाव प्रचार के दौरान उनके धार्मिक पाठ और शायरी वाले भाषण पहले खूब वायरल हुए थे और उन्हें धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक बताया गया था। लेकिन अब जब चुनावी माहौल बदल रहा है, वही बयान उनके खिलाफ इस्तेमाल किए जा रहे हैं और उन्हें ट्रोल किया जा रहा है।

प्रचार में हनुमान चालीसा और कलमा पढ़ने का वीडियो वायरल
सयानी घोष ने चुनाव प्रचार के दौरान कई मंचों से अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक पाठ किए थे। एक रैली में उन्होंने कलमा पढ़ा, तो दूसरी जगह हनुमान चालीसा का पाठ किया। एक वीडियो में वह बंगाली नज़्म गाते हुए कहती दिखीं मेरे दिल में काबा है, आंखों में मदीना है। उनके इन बयानों को पहले लोगों ने सौहार्द और धर्मनिरपेक्षता से जोड़कर देखा, लेकिन अब इन्हीं को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।

योगी आदित्यनाथ की रैलियों के बाद बढ़ा विवाद
चुनाव प्रचार के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैलियों का भी असर देखने को मिला। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स का कहना है कि उनकी एंट्री के बाद माहौल बदला और उसी के बाद सयानी घोष के धार्मिक पाठ को लेकर बहस शुरू हो गई। कई यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करते हुए कहा कि चुनावी माहौल के हिसाब से उनका रुख बदलता दिख रहा है।

संसद में दिए गए बयानों पर भी सवाल
संसद में सयानी घोष ने कहा था कि जैसे प्रधानमंत्री के लिए संसद एक मंदिर है, वैसे ही संविधान उनके लिए पूजा है और गणतंत्र उनकी आस्था है। उन्होंने शायराना अंदाज में सरकार की नीतियों पर भी तंज कसा था। अब उन्हीं पुराने बयानों को लेकर भी सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है।

पुराने विवाद ने फिर पकड़ा तूल
सयानी घोष का 2015 का एक पुराना सोशल मीडिया पोस्ट भी फिर से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने शिवलिंग से जुड़ी एक तस्वीर पोस्ट की थी। इस पोस्ट को लेकर पहले भी विवाद हुआ था और अब इसे फिर से उठाकर उन्हें ट्रोल किया जा रहा है।

सिनेमा से सियासत तक का सफर
राजनीति में आने से पहले सयानी घोष एक जानी-मानी बंगाली अभिनेत्री और गायिका रही हैं। उन्होंने कई फिल्मों और वेब सीरीज में काम किया है और अपनी पहचान बनाई है। बाद में वह टीएमसी से जुड़कर सक्रिय राजनीति में आईं और सांसद बनीं।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।