खून से सने हाथ धोए और पूछा- हिंदू हो?... अमेरिका रिटर्न जैब जुबैर का ISIS स्टाइल हमला, जानें कैसे बना लोन वुल्फ
Mumbai knife Attack: मीरा रोड चाकूबाजी केस में आरोपी के ‘लोन वुल्फ’ होने और कट्टरपंथ से प्रभावित होने के सबूत मिले हैं। धर्म पूछकर हमला करने की बात सामने आई है। ATS और NIA जांच कर रही हैं। यह मामला ऑनलाइन कट्टरपंथ के बढ़ते खतरे को दिखाता है।
मुंबई के मीरा रोड में हुई चाकूबाजी की घटना ने पूरे इलाके में डर का माहौल बना दिया है। इस मामले में आरोपी जैब जुबैर अंसारी को ‘लोन वुल्फ’ यानी अकेला हमलावर माना जा रहा है। जांच में सामने आया है कि वह इंटरनेट, किताबों और कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित होकर खुद ही हिंसा के रास्ते पर चला गया। इस हमले में दो सुरक्षा गार्ड घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। घटना के बाद से जांच एजेंसियां लगातार नए खुलासे कर रही हैं, जिससे यह मामला और भी गंभीर होता जा रहा है।
हमले की रात क्या हुआ?
चश्मदीद वॉचमैन हरी सिंह ने बताया कि हमले के बाद आरोपी उनके पास आया, पानी मांगा और अपने हाथों से खून साफ करने लगा। इसके बाद उसने पूछा, क्या तुम हिंदू हो? जब हरी सिंह ने कहा हम सब अपने हैं, तो आरोपी बोला मैं तुम्हें नहीं मारूंगा और वहां से चला गया। इस व्यवहार से उसकी मानसिक स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
धर्म पूछकर किया हमला
जांच में पता चला है कि आरोपी ने पहले सुरक्षा गार्ड सुब्रतो सेन और उनके सुपरवाइजर राजकेश्वर मिश्रा से उनकी धार्मिक पहचान पूछी। सुब्रतो से उसने पूछा कि क्या वह हिंदू हैं। इसके बाद मिश्रा से कलमा पढ़ने को कहा। जब मिश्रा ऐसा नहीं कर पाए, तो आरोपी ने उन पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। दोनों घायल हैं और उनका इलाज जारी है।
आरोपी की पृष्ठभूमि और जिंदगी
जैब जुबैर अंसारी के माता-पिता मूल रूप से कुर्ला के रहने वाले हैं, लेकिन 20 साल पहले अमेरिका चले गए थे। उसके पिता वहां कैब ड्राइवर हैं। परिवार से विवाद के बाद जैब 2019 में भारत लौट आया। वह मीरा रोड के नयागांव में किराए के घर में रहता था और ऑनलाइन ट्यूशन पढ़ाता था। हाल के महीनों में वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और तीन महीने से किराया नहीं दे पाया था। पड़ोसियों के अनुसार, वह अकेला और अलग-थलग रहता था।
ATS जांच में मिले अहम सुराग
महाराष्ट्र एटीएस को आरोपी के घर से कई सबूत मिले हैं। तलाशी में जिहाद, ISIS और खिलाफत जैसे शब्दों वाली पर्चियां मिलीं। लैपटॉप, धार्मिक किताबें और लोन वुल्फ हमलों से जुड़े नोट्स भी मिले हैं। आरोपी ने अपना मोबाइल फॉर्मेट कर दिया था, जिसे अब फॉरेंसिक जांच से रिकवर करने की कोशिश हो रही है। उसकी इंटरनेट हिस्ट्री में भी संदिग्ध चीजें मिली हैं।
सरकार और एजेंसियों की कार्रवाई
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे सेल्फ रेडिकलाइजेशन का मामला बताया है। उन्होंने कहा कि आरोपी इंटरनेट और किताबों से प्रभावित हुआ। अब NIA और ATS मिलकर जांच करेंगी कि इसके पीछे कोई नेटवर्क है या नहीं। मीरा-भायंदर इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जांच हर एंगल से जारी है।
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