जमीन के सौदों से कमाए करोड़ों… भ्रष्टाचार के आरोप में कानपुर का लेखपाल आलोक दुबे बर्खास्त

कानपुर में आय से अधिक संपत्ति और पद के दुरुपयोग के आरोप साबित होने पर लेखपाल आलोक दुबे को राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। मंडलायुक्त ने उनकी अपील खारिज करते हुए सख्त कार्रवाई की।

Mar 7, 2026 - 13:48
Mar 7, 2026 - 14:01
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जमीन के सौदों से कमाए करोड़ों… भ्रष्टाचार के आरोप में कानपुर का लेखपाल आलोक दुबे बर्खास्त

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में भ्रष्टाचार के एक चर्चित मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों में घिरे लेखपाल आलोक दुबे को राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है। मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी के मूल आदेश के खिलाफ दायर उनकी अपील को पूरी तरह खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई सरकारी कर्मचारियों के लिए सख्त संदेश है कि भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विभागीय जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं
जानकारी के अनुसार आलोक दुबे कानपुर में राजस्व निरीक्षक यानी कानूनगो के पद पर तैनात थे। जांच के दौरान यह सामने आया कि वह भूमि क्रय-विक्रय के कारोबार में भी शामिल थे। विभागीय जांच में यह साफ हुआ कि उन्होंने अपने पदीय कर्तव्यों का सही तरीके से पालन नहीं किया और निजी फायदे के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया। जांच में यह भी प्रमाणित हुआ कि उन्होंने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। उनके नाम पर करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति होने की जानकारी सामने आई, जिससे यह मामला काफी चर्चित हो गया।

पहले डिमोशन, अब सेवा से बर्खास्त
इस मामले में पहले जिलाधिकारी ने कार्रवाई करते हुए आलोक दुबे को कानूनगो के पद से पदावनत कर लेखपाल बना दिया था। इसके खिलाफ उन्होंने मंडलायुक्त के पास अपील दायर की थी। अपील की विस्तृत सुनवाई के बाद मंडलायुक्त ने पाया कि आलोक दुबे ने अपने पद और अधिकारों का गलत इस्तेमाल कर निजी स्वार्थ साधे। उन्होंने भूमि सौदों में अनुचित हस्तक्षेप किया और आय से असंगत संपत्ति अर्जित की। यह कृत्य बेहद गंभीर माना गया।

सरकारी सेवा नियमों का उल्लंघन
मंडलायुक्त ने अपने आदेश में कहा कि यह मामला उत्तर प्रदेश सरकारी सेवा (आचरण) नियमावली 1956 के नियम 15, 21(1) और 24(1) का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि आलोक दुबे ने एक रियल एस्टेट कारोबारी की तरह संपत्ति अर्जित की है, जो एक सरकारी कर्मचारी के लिए पूरी तरह अनुचित है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
अपने आदेश में मंडलायुक्त ने कहा कि ऐसे कर्मचारी को सरकारी सेवा में बनाए रखना जनहित, प्रशासनिक नैतिकता और विभागीय अनुशासन के खिलाफ है। इसलिए अपील को खारिज करते हुए आलोक दुबे को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर राजकीय सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया गया। आदेश की प्रति जिलाधिकारी कानपुर नगर और संबंधित कर्मचारी को भेज दी गई है। यह मामला वर्ष 2025 में तब सुर्खियों में आया था जब उन्हें पहले कानूनगो से पदावनत कर लेखपाल बनाया गया था। इसके बाद भी विभागीय जांच और अपील प्रक्रिया चलती रही। अब मंडलायुक्त के अंतिम फैसले से विभाग में साफ-सफाई की मुहिम को नई गति मिलने की बात कही जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में कोई ढील नहीं बरती जाएगी।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।