Mark Zuckerberg बनकर किया मैसेज… कानपुर की महिला टीचर से 1.57 करोड़ की ठगी

कानपुर में साइबर ठगों ने खुद को मार्क जुकरबर्ग और एलन मस्क का सहयोगी बताकर एक रिटायर्ड महिला शिक्षिका से करीब 1.57 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Mar 17, 2026 - 14:18
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Mark Zuckerberg बनकर किया मैसेज… कानपुर की महिला टीचर से 1.57 करोड़ की ठगी

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सोशल मीडिया के जरिए ठगों ने एक सेवानिवृत्त महिला शिक्षक से करीब 1.57 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को मार्क जुकरबर्ग, अमेरिकी गायक जोश टर्नर और दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल एलन मस्क का सहयोगी बताकर महिला को अपने झांसे में लिया। जब महिला को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

फेसबुक पर शुरू हुई बातचीत
जानकारी के अनुसार चकेरी थाना क्षेत्र के आनंद नगर निवासी एलिसन वीम्स कैंट स्थित एक स्कूल से सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं। उनकी पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक व्यक्ति से हुई। उस व्यक्ति ने खुद को मार्क जुकरबर्ग बताते हुए उनसे बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे उनका विश्वास जीत लिया। इसके बाद उसने कानपुर में एक स्कूल खोलने के नाम पर महिला को निवेश करने का प्रस्ताव दिया। महिला उसकी बातों में आ गईं और बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ता गया।

दूसरे ठग ने खुद को बताया एलन मस्क का सहयोगी
कुछ समय बाद महिला का संपर्क एक अन्य व्यक्ति से कराया गया। उसने खुद को अमेरिकी गायक जॉश टर्नर और एलन मस्क का सहयोगी बताया। उसने भी महिला को स्कूल खोलने और उसमें नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, निवेश, रजिस्ट्रेशन और अन्य खर्चों के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा कराए जाने लगे।

रकम बढ़ने का झांसा देकर मांगे और पैसे
पीड़िता के अनुसार जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो ठगों ने कहा कि उनका निवेश बढ़कर 2.23 करोड़ रुपये हो गया है। इसके बाद पैसे निकालने के लिए टैक्स, वेरिफिकेशन, स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क के नाम पर और रकम जमा कराई गई। आरोपियों ने यह भी दावा किया कि 20 फरवरी 2026 तक पूरी राशि उन्हें वापस मिल जाएगी।

अलग-अलग नाम से किया संपर्क
इस दौरान मिरेकल गिवर्स नाम के एक व्यक्ति ने महिला से संपर्क किया और भरोसा दिलाया कि उनकी रकम फेडेक्स के जरिए भेजे गए पैकेज में है। इसके लिए शिपिंग, कस्टम और अन्य चार्ज देने होंगे। इसके अलावा साइबर रिपोर्टिंग असिस्टेंस और लीड इंडिया के नाम से भी कुछ लोगों ने संपर्क किया। उन्होंने खुद को अधिवक्ता और अधिकारी बताते हुए महिला को और गुमराह किया।

जीवन भर की बचत गंवाई
ठगों ने विजडम कैपिटल नामक कंपनी में निवेश दिखाते हुए महिला के नाम से एक ट्रेडिंग अकाउंट भी बनाया, जिसमें 2.23 करोड़ रुपये की राशि दिखाई गई। हालांकि पैसे निकालने के नाम पर लगातार नए-नए शुल्क मांगे जाते रहे। आखिरकार जब आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया तो महिला को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने बताया कि यह रकम उनकी सेवानिवृत्ति निधि और जीवन भर की जमा पूंजी थी। बाद में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करने पर करीब 30 से 42 लाख रुपये होल्ड कराए जा सके। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें और किसी भी निवेश से पहले पूरी जांच जरूर करें।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। वे राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में उन्हें 2 वर्ष का अनुभव है। उन्होंने रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव रखते हैं। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से वे यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़े हैं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। उनकी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान वे कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुके हैं।