मिडिल ईस्ट तनाव का असर… ईरान की करेंसी धड़ाम, जानिए 1 रियाल की भारतीय रुपए में कितनी रह गई कीमत

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच इज़राइली शेकेल मजबूत बना हुआ है, जबकि ईरानी रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। तेल कीमतों में उछाल से भारत पर भी असर पड़ सकता है।

Mar 2, 2026 - 11:55
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मिडिल ईस्ट तनाव का असर… ईरान की करेंसी धड़ाम, जानिए 1 रियाल की भारतीय रुपए में कितनी रह गई कीमत

इज़राइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और उसके बाद मिडिल ईस्ट में बढ़े मिसाइल हमलों ने दोनों देशों की अर्थव्यवस्था की असली तस्वीर सामने ला दी है। जहां एक ओर इज़राइल की मुद्रा मजबूत बनी हुई है, वहीं ईरान की मुद्रा रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है। 1 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक 1 इज़राइली शेकेल की कीमत 4,21,031 ईरानी रियाल के बराबर है। यानी एक शेकेल से चार लाख से ज्यादा रियाल खरीदे जा सकते हैं। यह अंतर ईरान की कमजोर अर्थव्यवस्था और लंबे समय से लगे प्रतिबंधों को दिखाता है।

डॉलर और रुपये के मुकाबले ताजा स्थिति
डॉलर के मुकाबले इज़राइली शेकेल 1 डॉलर पर 3.14 के स्तर पर है और पिछले दो महीनों में 3.09 से 3.23 प्रति डॉलर के दायरे में स्थिर रहा। यानी युद्ध जैसे हालात के बावजूद शेकेल मजबूत बना रहा। वहीं ईरानी रियाल की स्थिति बेहद खराब है। ओपन मार्केट में 1 डॉलर की कीमत 17,49,500 रियाल तक पहुंच गई है, जबकि आधिकारिक दर 42,086 रियाल प्रति डॉलर है। साल 2026 की शुरुआत से अब तक रियाल करीब 30 प्रतिशत कमजोर हो चुका है। भारतीय रुपये के मुकाबले 1 शेकेल की कीमत ₹29.04 है। जबकि 1,000 रियाल की आधिकारिक कीमत ₹1.97 है, लेकिन ओपन मार्केट में 1,000 रियाल की कीमत ₹0.07 से भी कम है।

शेकेल मजबूत और रियाल कमजोर क्यों?
इज़राइल की मजबूत टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी इंडस्ट्री, विदेशी निवेश और करीब 213 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार शेकेल को सहारा देते हैं। विविध अर्थव्यवस्था और स्थिर डॉलर आय भी इसकी मजबूती की वजह है। दूसरी ओर, ईरान पर दशकों से लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध, तेल निर्यात पर असर, बैंकिंग सिस्टम पर रोक और 48 प्रतिशत से ज्यादा महंगाई ने रियाल को कमजोर कर दिया है। अलग-अलग एक्सचेंज रेट सिस्टम और आर्थिक अस्थिरता से लोगों का भरोसा भी कम हुआ है। 28 फरवरी 2026 को तेहरान में हुए हमलों के बाद बाजार में डर बढ़ा और रियाल में तेज गिरावट आई।

भारत पर संभावित असर
ईरान में सोने की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है क्योंकि लोग सुरक्षित निवेश ढूंढ रहे हैं। अगर होर्मुज़ जलडमरूमध्य प्रभावित होता है तो कच्चे तेल की कीमत 20 से 40 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। भारत रोजाना 10 लाख बैरल से ज्यादा तेल खाड़ी देशों से आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने का खतरा है। खाड़ी देशों में रहने वाले करीब 90 लाख भारतीयों की रेमिटेंस पर भी असर पड़ सकता है। तेल कीमतों के दबाव से रुपया डॉलर के मुकाबले 91 के करीब पहुंच गया है और हालात बिगड़े तो और कमजोर हो सकता है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।