24 फरवरी से शुरू हो रहा होलाष्टक, पहले दिन चंद्रमा की उग्रता से बचने के लिए करें ये उपाय
होलाष्टक 24 फरवरी 2026 से शुरू हो रहा है। पहले दिन आक्रामक चंद्रमा के प्रभावों और इसके नकारात्मक प्रभाव को कम करने के सरल उपायों के बारे में जानें।
24 फरवरी 2026 से होलाष्टक की शुरुआत हो रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलाष्टक को शुभ समय नहीं माना जाता। इस दौरान मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश या नए काम की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि होलाष्टक के आठों दिन कोई न कोई ग्रह उग्र अवस्था में रहता है। पहले दिन चंद्रमा उग्र माने जाते हैं। ज्योतिष के अनुसार इस समय मन और भावनाओं पर विशेष प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
पहले दिन चंद्रमा की उग्र स्थिति का प्रभाव
होलाष्टक के पहले दिन चंद्रमा उग्र अवस्था में रहते हैं। चंद्रमा मन और भावनाओं के कारक ग्रह माने जाते हैं। इस दौरान नकारात्मक विचार मन में आ सकते हैं। व्यक्ति भावनात्मक रूप से कमजोर महसूस कर सकता है। पारिवारिक रिश्तों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है। इस समय लिए गए निर्णय बाद में प्रतिकूल साबित हो सकते हैं। चंद्रमा की उग्रता से हार्मोनल बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं। खासकर महिलाओं को शारीरिक और मानसिक असुविधा अधिक महसूस हो सकती है।
चंद्रमा को शांत करने के उपाय
धार्मिक मान्यता के अनुसार कुछ सरल उपाय करके चंद्रमा के बुरे प्रभाव को कम किया जा सकता है। होलाष्टक के पहले दिन भगवान शिव की पूजा करना शुभ माना गया है। शिव मंत्रों का जप करने से चंद्रमा शांत होते हैं और नकारात्मक प्रभाव कम होता है। इस दिन सफेद वस्त्र पहनने और दूध, दही, खीर जैसे सफेद खाद्य पदार्थों का सेवन करना भी लाभकारी बताया गया है। चंद्र मंत्र “ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:” या “ॐ सोम सोमाय नम:” का जप करना भी शुभ फल देता है। इसके अलावा अपनी माता की सेवा करना और उनके साथ समय बिताना भी चंद्रमा को शांत करने का एक सरल उपाय माना गया है। इन उपायों से मन को शांति मिलती है और होलाष्टक के पहले दिन का प्रभाव कम हो सकता है।
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