14 महीने के बच्चे के पेट से निकला ढाई इंच का स्क्रू, बिना ऑपरेशन डॉक्टरों ने बचाई जान

गोरखपुर में डॉक्टरों ने 14 महीने के बच्चे के पेट से ढाई इंच लंबा नुकीला स्क्रू बिना ऑपरेशन के एंडोस्कोपी और कोलोनोस्कोपी से निकालकर उसकी जान बचा ली।

Mar 11, 2026 - 12:00
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14 महीने के बच्चे के पेट से निकला ढाई इंच का स्क्रू, बिना ऑपरेशन डॉक्टरों ने बचाई जान

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक का शानदार उदाहरण पेश किया है। सिद्धार्थनगर के रहने वाले महज 14 महीने के एक बच्चे के पेट से डॉक्टरों ने ढाई इंच लंबा और बेहद नुकीला लोहे का स्क्रू सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया। सबसे खास बात यह रही कि इस पूरी प्रक्रिया में बच्चे के पेट में कोई बड़ा ऑपरेशन या चीरा नहीं लगाया गया। डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी और कोलोनोस्कोपी तकनीक की मदद से इस खतरनाक वस्तु को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल लिया, जिससे बच्चे की जान बच गई।

खेलते समय निगल लिया था नुकीला स्क्रू
जानकारी के अनुसार सिद्धार्थनगर जिले के रहने वाले पशुपतिनाथ दुबे का 14 महीने का बेटा गर्वित चार दिन पहले घर में खेल रहा था। उसी दौरान उसने पास पड़ा करीब ढाई इंच लंबा लोहे का स्क्रू निगल लिया। परिवार को इस बात की बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी कि बच्चे ने इतना खतरनाक सामान निगल लिया है। कुछ समय बाद बच्चे के पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। परिजनों ने पहले इसे सामान्य समस्या समझा और मेडिकल स्टोर से दवा लाकर उसे दे दी।

एक्स-रे में दिखा बड़ा खतरा
दवा खाने के बाद बच्चा कुछ देर शांत रहता, लेकिन फिर दर्द से तड़पने लगता। जब हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो परिजन उसे स्थानीय डॉक्टर के पास ले गए। वहां से बच्चे को तुरंत गोरखपुर रेफर कर दिया गया। परिजन उसे देर रात चरगांवा स्थित सिटी सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां डॉ. विवेक मिश्रा और उनकी टीम ने बच्चे का एक्स-रे कराया। रिपोर्ट देखकर डॉक्टर और परिवार दोनों हैरान रह गए, क्योंकि बच्चे के पेट में ढाई इंच का नुकीला स्क्रू फंसा हुआ था और वह धीरे-धीरे आंतों की ओर बढ़ रहा था।

तीन दिन की निगरानी के बाद निकाला गया स्क्रू
बच्चे की उम्र बहुत कम होने के कारण बड़ा ऑपरेशन करना जोखिम भरा था। डॉक्टरों ने उसे पीडियाट्रिक यूनिट में भर्ती किया और हर चार घंटे में सीरियल एक्स-रे से स्क्रू की स्थिति पर नजर रखी। कुछ समय बाद स्क्रू छोटी और बड़ी आंत के जोड़ के पास जाकर रुक गया। इसके बाद डॉक्टरों ने कोलोनोस्कोपी करने का निर्णय लिया। एंडोस्कोपिक उपकरणों की मदद से स्क्रू को सावधानी से पकड़कर बाहर निकाल लिया गया।

अब पूरी तरह सुरक्षित है बच्चा
सफल प्रक्रिया के बाद डॉ. विवेक मिश्रा ने बताया कि नुकीली वस्तु आंतों में छेद कर सकती थी, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा था और स्थिति जानलेवा हो सकती थी। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि अगर बच्चा सिक्का, बटन, सेल या स्क्रू जैसी कोई चीज निगल ले तो तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं और एक्स-रे जरूर कराएं। तीन दिन तक दर्द झेलने के बाद अब नन्हा गर्वित पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित है। परिजनों ने डॉक्टरों की टीम का आभार जताया है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। वे राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में उन्हें 2 वर्ष का अनुभव है। उन्होंने रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव रखते हैं। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से वे यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़े हैं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। उनकी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान वे कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुके हैं।