ईद के दिन गोश्त को लेकर विवाद बना खूनखराबा, आरोपी को उम्रकैद और जुर्माना
फतेहपुर में ईद के दिन हुई हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह अपराध मांस खरीदते समय हुए विवाद के चलते हुआ था। आरोपी पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यूपी के फतेहपुर जनपद में ईद के दिन हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड में न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया है। गोश्त लेने को लेकर हुए मामूली विवाद ने उस दिन हिंसक रूप ले लिया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी। अब अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-2 फतेहपुर अजय सिंह प्रथम की अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
ईद के दिन दोपहर में हुई थी वारदात
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 11 अप्रैल 2024 को ईद के दिन दोपहर करीब 12:30 बजे थाना थरियांव क्षेत्र के कस्बे में हुई थी। थरियांव निवासी शेर अली गोश्त खरीदने के लिए मीट विक्रेता राजू की दुकान पर पहुंचे थे। उसी समय कस्बे का रहने वाला चमन भी वहां आ गया। पहले गोश्त लेने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। गुस्से में आकर आरोपी चमन ने दुकान पर रखे गोश्त काटने वाले चाकू से शेर अली के पेट पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से शेर अली की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी चाकू लेकर फरार हो गया था।
पुलिस ने किया त्वरित एक्शन, चाकू बरामद
घटना के बाद मृतक के भाई अशरफ अहमद ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी चमन को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया गया। मामले की विवेचना के दौरान न्यायालय में मीट विक्रेता राजू और बगल की दुकान के दुकानदार रसीद ने प्रत्यक्षदर्शी के रूप में गवाही दी। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।
भीड़ जुटी, तनाव की स्थिति बनी
हत्या के बाद आरोपी के घर पर भीड़ जमा हो गई थी। दोनों पक्षों के बीच तनाव को देखते हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को कई थानों की पुलिस बुलानी पड़ी थी, तब जाकर स्थिति नियंत्रित की गई। शुक्रवार को सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
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